राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, शिकायतों के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी; संदीप गुप्ता को फिर मिली पुरानी जिम्मेदारी
नई दिल्ली । राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में बदलाव के बीच अलग-अलग शिकायतों और आरोपों के चलते मंदिर की जिम्मेदारियों से हटाए गए तीन कर्मचारियों की वापसी हो गई है। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आगमन के बाद संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है। इस फैसले के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में पुराने कर्मचारियों की भूमिकाएं फिर से बहाल होने का सिलसिला सामने आया है।
इन तीनों कर्मचारियों को अलग-अलग मामलों के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं से हटाया गया था। संदीप गुप्ता तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लॉकर में सामान रखने को लेकर एक विदेशी महिला से उनकी कहासुनी हुई थी, जिसके बाद महिला ने ट्रस्ट को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संदीप को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने के बाद उन्हें काम से हटा दिया गया था।
संदीप गुप्ता शहीद कारसेवक वासुदेव गुप्ता के बेटे हैं। मंदिर में उन्हें काम दिए जाने के पीछे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा गया था। नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के आने के बाद संदीप की बहाली की सिफारिश की गई। इसके बाद उन्हें दोबारा उसी स्थान पर तैनात कर दिया गया और पुरानी जिम्मेदारी सौंप दी गई।
दूसरी ओर, बजरंग पाठक प्रसाद व्यवस्था के प्रभारी थे। रामजन्मभूमि परिसर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी ने अपने मेहमानों के लिए प्रसाद दिलाने की सिफारिश की थी। बजरंग पाठक ने इसके लिए ट्रस्ट से आदेश लाने की बात कही और सिफारिश के आधार पर प्रसाद उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी ने ट्रस्ट से उनकी शिकायत की थी।
शिकायत के बाद तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने रामलला के आभूषणों और दानदाताओं से प्राप्त वस्तुओं की देखरेख करने वाले केडी तिवारी तथा प्रसाद व्यवस्था प्रभारी बजरंग पाठक को राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया था। केडी तिवारी ने वहां अपनी नई तैनाती पर काम शुरू कर दिया था, जबकि बजरंग पाठक ने आदेश का पालन नहीं किया और कारसेवक पुरम में सेवा देते रहे। इसके बाद उन्हें भी व्यवस्था से बाहर कर दिया गया था।
अब स्वामी गोविंद देव गिरि के फैसले के बाद केडी तिवारी और बजरंग पाठक की भी राम मंदिर की पुरानी जिम्मेदारियों पर वापसी हो गई है। इससे मंदिर की व्यवस्थाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर नए प्रशासनिक दौर की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
इस बीच चढ़ावा प्रकरण के बाद महासचिव पद से त्यागपत्र देने वाले विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र भी तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे। दोनों ने कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी या समस्या होने पर उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। दोनों ने करीब एक घंटे तक सेवा केंद्र में कर्मचारियों के साथ समय बिताया।
