September 7, 2026

जल्दी बॉडी बनाने की चाहत में खतरनाक स्टेरॉयड ले रहे युवा, किडनी, लिवर और दिल पर बढ़ सकता है गंभीर जोखिम

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नई दिल्ली । तेजी से मसल्स बढ़ाने और शरीर को भारी बनाने की चाहत में जिम जाने वाले कुछ युवा अब सामान्य एक्सरसाइज, संतुलित आहार और प्रोटीन तक सीमित नहीं रह गए हैं। कम समय में ज्यादा मसल्स हासिल करने के लिए कुछ लोग ऐसे स्टेरॉयड इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनका उपयोग पशुओं में किया जाता है। बोल्डेनोन, ट्रेनबोलोन और नैंड्रोलोन जैसे स्टेरॉयड इसी वजह से चिंता का विषय बन रहे हैं।

बाहर से इन दवाओं का असर मांसपेशियों के आकार और शरीर की बनावट में बदलाव के रूप में दिखाई दे सकता है, लेकिन शरीर के भीतर इनका प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो सकता है। स्टेरॉयड के अनियंत्रित इस्तेमाल से हार्मोनल संतुलन प्रभावित होने के साथ किडनी, लिवर और हृदय से जुड़े जोखिम बढ़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ बिना चिकित्सकीय सलाह ऐसे पदार्थों के इस्तेमाल से बचने की सलाह देते हैं।

चेन्नई स्थित स्टैनले मेडिकल कॉलेज में हुई रिसर्च में 18 से 50 वर्ष की उम्र के 161 पुरुष जिम करने वालों को शामिल किया गया। इनमें 57 लोगों में ऐसे शारीरिक बदलाव पाए गए, जो स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जुड़े थे। खास बात यह रही कि प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या 18 से 25 वर्ष की उम्र के युवाओं की थी। इससे कम उम्र में शरीर को तेजी से बदलने की कोशिश को लेकर चिंता बढ़ती है।

रिसर्च में स्टेरॉयड इस्तेमाल करने वाले लोगों के रक्त परीक्षण में क्रिएटिनिन और लिवर एंजाइम का स्तर अधिक पाया गया। क्रिएटिनिन किडनी की कार्यप्रणाली से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जबकि लिवर एंजाइम में बदलाव शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर संकेत कर सकता है। हालांकि केवल इन परीक्षणों के आधार पर किसी व्यक्ति में स्थायी अंग क्षति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन ऐसे बदलाव चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत जरूर बताते हैं।

स्टेरॉयड के इस्तेमाल को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका बंद किया जाना है। 79 पुरुषों पर किए गए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि स्टेरॉयड छोड़ने के तीन महीने बाद वजन में उल्लेखनीय कमी देखी गई। इसका मतलब यह है कि स्टेरॉयड के जरिए हासिल किए गए शारीरिक बदलाव हमेशा स्थायी नहीं रहते। इस्तेमाल बंद होने के बाद शरीर में पहले दिखाई देने वाला वजन और मांसपेशियों का आकार कम हो सकता है।

युवाओं में स्टेरॉयड लेने की प्रवृत्ति के पीछे जल्दी परिणाम पाने की इच्छा एक बड़ी वजह मानी जा रही है। सोशल मीडिया पर तेजी से बदली हुई बॉडी और मसल्स को देखकर कई लोग प्राकृतिक तरीके से मांसपेशियां विकसित करने के बजाय शॉर्टकट तलाशते हैं। समस्या तब और गंभीर हो जाती है, जब बिना सही जानकारी के पशुओं के लिए बनाई गई दवाओं को इंसानों पर इस्तेमाल किया जाता है।

स्वस्थ तरीके से मसल्स बढ़ाने में समय लगता है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम, संतुलित आहार और शरीर की जरूरत के अनुसार प्रोटीन का सेवन सुरक्षित तरीके से फिटनेस सुधारने में मदद कर सकता है। किसी भी स्टेरॉयड या हार्मोन संबंधी दवा का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए। तेजी से बदली हुई बॉडी आकर्षक दिखाई दे सकती है, लेकिन उसके पीछे छिपे स्वास्थ्य जोखिम लंबे समय तक परेशानी पैदा कर सकते हैं।

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