September 7, 2026

मदरसों पर उत्तराखंड सरकार का शिकंजा, 20 का संचालन बंद

0
Madarsas
  • देहरादून से हल्द्वानी तक कार्रवाई

Dhami Sarkar: उत्तराखंड में बिना मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के संचालित मदरसों के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी है। देहरादून और हल्द्वानी में कई मदरसों पर कार्रवाई की गई है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि 3 के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है। इस तरह अब तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।

देहरादून: तीन मदरसों पर गाज, एक सील और दो ने दी अंडरटेकिंग…
अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के संबंध में कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा तथा मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों द्वारा मदरसों का संचालन बंद किए जाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी गई है।

उत्तराखंड में अब तक कुल 20 मदरसों का संचालन बंद
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद किए जाने की लिखित सूचना दी है। इस प्रकार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।

दो मदरसे हल्द्वानी में भी किए गए सील
इसी क्रम में नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है। हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट एबी वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।

बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से समझौता नहीं…
सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों एवं मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। राज्य में लागू नई व्यवस्था के अंतर्गत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

 

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *