सिंधु के पानी के इस्तेमाल की भारत की नई तैयारी, लद्दाख में पहला रॉक चेक डैम तैयार, पाक को दिया झटका
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। इसके बाद भारत संधि के तहत आने वाली छह नदियों के जल का अपने हिस्से में अधिकतम उपयोग करने की दिशा में काम कर रहा है। सिंधु नदी भी इन्हीं नदियों में शामिल है।
उपशी में तैयार डैम के जरिए स्थानीय स्तर पर पानी रोककर उसे लद्दाख की जरूरतों में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है और नदी का जो पानी बहाव के जरिए आगे चला जाता था, उसका एक हिस्सा स्थानीय उपयोग में आ सकेगा।
56 करोड़ से ज्यादा की लागत, 36 और डैम प्रस्तावित
उपशी का प्रोजेक्ट लद्दाख में प्रस्तावित बड़े जल संरक्षण अभियान का शुरुआती मॉडल है। सूत्रों के मुताबिक, सिंधु नदी पर 36 और रॉक चेक डैम बनाए जाने की योजना है। इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत लेह में 7 हिमालयन रॉक चेक डैम और कारगिल में 29 चेक डैम बनाए जाएंगे। कारगिल जिले में सिंधु नदी बटालिक सेक्टर से होकर गुजरती है। सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर 56 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
सीमेंट-चूने के बजाय नदी के पत्थरों से निर्माण
उपशी के रॉक चेक डैम की निर्माण तकनीक इसे पारंपरिक बांधों से अलग बनाती है। इसे तैयार करने में सीमेंट या चूने का इस्तेमाल नहीं किया गया है। नदी के तल से निकाले गए बड़े प्राकृतिक पत्थरों को आपस में इंटरलॉक कर संरचना तैयार की गई है।
इस डैम की पानी जमा करने की क्षमता करीब 4 करोड़ लीटर है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल कर तैयार की गई ऐसी संरचनाएं लद्दाख जैसे क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए उपयोगी मॉडल साबित हो सकती हैं।
10 फीट पानी जमा, नहर से खेतों तक पहुंचेगा
लद्दाख में खेती के लिए पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है। खासकर वसंत ऋतु में बुवाई के दौरान किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।
उपशी डैम में जलस्तर 10 फीट तक पहुंचने के बाद इसे इगू फे नहर के जरिए आसपास के खेतों तक पहुंचाने की योजना है। इससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और खेती योग्य जमीन को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के आगे बढ़ने के साथ लद्दाख के दूसरे इलाकों में भी इसी तरह की जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने की तैयारी है।
पानी के स्थानीय इस्तेमाल पर बढ़ा फोकस
उपशी का यह डैम केवल एक स्थानीय जल संरक्षण परियोजना नहीं, बल्कि सिंधु नदी तंत्र में भारत के अपने हिस्से के पानी के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम भी है। आने वाले समय में प्रस्तावित 36 अन्य डैमों पर काम आगे बढ़ता है तो लद्दाख में सिंचाई, स्थानीय जल उपलब्धता और कृषि गतिविधियों को इसका लाभ मिल सकता है।
