जंतर-मंतर प्रदर्शन में संजय कुमार से मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, एससी-एसटी और पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई
बताया गया है कि झड़प के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के हाथ में पहने कड़े से संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। चोट लगने के बाद उन्हें उपचार के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था और इसके बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही थी।
मामले में उस समय नया मोड़ आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह जंतर-मंतर पर हुई घटना और संजय कुमार को लगी चोट का जिक्र करता नजर आया। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग फिर तेज हो गई।
शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की और मामले में देरी पर सवाल उठाए।
पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का भरोसा दिया गया था। हालांकि इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है और पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों को खंगालेगी।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कई कानूनी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता के तहत पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के आधार पर पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने भी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों और गिरफ्तारी की जानकारी दी है।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर पुलिस पहले मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। 3 सितंबर को पुलिस ने बताया था कि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट में सिर की हड्डी में फ्रैक्चर या किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई में देरी के पीछे किसी राजनीतिक दबाव से भी इनकार किया था।
अब गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण शुरू होगा। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध वीडियो और चिकित्सकीय दस्तावेजों समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इसके आधार पर आरोपों की स्थिति और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
घटना के बाद से प्रदर्शन से जुड़े पक्ष स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। गिरफ्तारी के साथ अब यह मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है।
