भारी इलाज खर्च के बीच सुधीर दलवी के लिए फरिश्ता बने सितारे, अक्षय से रणबीर-कार्तिक तक ने दिया सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट को सुधीर दलवी के इलाज के लिए 11 लाख रुपये का योगदान देने की अनुमति भी दी थी। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने भी अभिनेता और उनके परिवार की आर्थिक मदद की। इनमें अक्षय कुमार रणबीर कपूर और कार्तिक आर्यन जैसे बड़े नाम शामिल रहे। सुधीर दलवी की पत्नी सुहास दलवी ने बताया कि जब अस्पताल के बिल चुकाने में परिवार को परेशानी हो रही थी और यह बात सामने आई तो इंडस्ट्री के कई लोग मदद के लिए आगे आए। उन्होंने खास तौर पर उन सितारों का आभार जताया जिन्होंने मुश्किल वक्त में परिवार का साथ दिया।
सुधीर दलवी की लोकप्रियता की बात करें तो उन्हें सबसे ज्यादा पहचान फिल्म शिरडी के साईं बाबा में साईं बाबा की भूमिका निभाने से मिली। उनके अभिनय ने दर्शकों के बीच ऐसी छाप छोड़ी कि वह लंबे समय तक साईं बाबा के किरदार के साथ पहचाने जाते रहे। उनकी पत्नी के मुताबिक इसी वजह से कई साईं भक्त भी उनकी मदद के लिए आगे आए। अभिनेता की बीमारी के दौरान आर्थिक सहायता के साथ लोगों की भावनात्मक मदद भी परिवार के लिए बड़ा सहारा बनी।
अब राहत की बात यह है कि सुधीर दलवी अस्पताल से घर लौट चुके हैं और पहले की तुलना में उनकी हालत बेहतर है। हालांकि स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग रहा है। उनकी पत्नी ने बताया कि उन्हें अभी भी वॉकर के सहारे चलना पड़ता है और कभी कभी उनका दिमाग थोड़ा उलझा हुआ रहता है। इसके बावजूद घर लौटने के बाद अभिनेता काफी खुश हैं और परिवार भी उन्हें अपने बीच पाकर राहत महसूस कर रहा है। सुहास ने यह भी बताया कि अस्पताल का माहौल मरीज के लिए मानसिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है। लंबे इलाज और अस्पताल के खर्च के बीच परिवार ने जिस मुश्किल दौर का सामना किया उसके बाद सुधीर दलवी का घर लौटना उनके चाहने वालों के लिए भी राहत की खबर है।
सुधीर दलवी ने केवल साईं बाबा के किरदार से ही नहीं बल्कि रामानंद सागर की रामायण में गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाकर भी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। इसके अलावा क्योंकि सास भी कभी बहू थी में गोवर्धन विरानी यानी बापू जी के किरदार से भी वह घर घर में पहचाने गए। उनके मुश्किल वक्त में फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और साईं भक्तों की मदद ने एक बार फिर साबित किया कि पर्दे पर लोगों का मनोरंजन करने वाले कलाकार के प्रति दर्शकों और साथी कलाकारों का जुड़ाव कितना गहरा हो सकता है।
