चित्रकूट में लगातार बारिश से मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, रामघाट पर जाने पर रोक, 2 दिन स्कूल बंद
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रामघाट पर बैरिकेडिंग कर लोगों को नदी और घाट क्षेत्र की ओर जाने से रोक दिया है। कई मठ-मंदिरों के निचले हिस्से पानी में डूब गए हैं। पानी कम होने के बाद मंदिरों और घाट क्षेत्र में जमा मलबे की सफाई शुरू करा दी गई है।
भरत मंदिर में घुसा पानी, मलबे की सफाई शुरू
मंदाकिनी का पानी भरत मंदिर परिसर में भी पहुंच गया। पानी के साथ बहकर आया मलबा मंदिर के अंदर फर्श पर जमा हो गया। जलस्तर कम होने के बाद मंदिर परिसर में सफाई का काम शुरू कराया गया। आसपास के मठ-मंदिरों में भी पानी और मलबे के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से रामघाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। लोगों को नदी के बढ़े जलस्तर से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है।
सड़क-रास्ते जलमग्न, प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक स्कूल बंद
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जिले के कई इलाकों में सड़क और रास्ते जलमग्न हो गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डीएम पुलकित गर्ग के आदेश पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार जलभराव और तेज बहाव के बीच छोटे बच्चों का स्कूल आना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए दो दिन के लिए अवकाश किया गया है।
छात्रों की छुट्टी, शिक्षक पहुंचेंगे स्कूल
बीएसए रंजना शुक्ला के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए है। स्कूलों में पदस्थ शिक्षक और शिक्षिकाएं निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचेंगे और विभागीय एवं अन्य आवश्यक सरकारी कार्य करेंगे। सभी विद्यालय प्रबंधनों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि बारिश और अवकाश के दौरान बच्चों को जलभराव वाले इलाकों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास न जाने दें।
फिलहाल प्रशासन की नजर मंदाकिनी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर बनी हुई है। रामघाट पर बैरिकेडिंग के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। पानी उतरने के बाद घाट और मंदिर क्षेत्रों में जमा मलबे की सफाई कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
