नेपाल त्रासदी में अपनों का इंतजार, बीमार माता-पिता से छिपाया बेटा-बहू के लापता होने का दर्द, टीवी-अखबार कराया बंद
श्यामनगर के ई-ब्लॉक निवासी राजेंद्र मिश्रा सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी हैं। परिवार में पत्नी सुमन मिश्रा और तीन बेटे पंकज, धीरज और अनुज हैं। पंकज पत्नी रागिनी और बेटे अरमान के साथ अमेरिका में रहते हैं। उनके छोटे भाई धीरज भी पत्नी पूनम, बेटे ध्रुव और बेटी मानसी के साथ अमेरिका में रहते हैं। पंकज, धीरज और पूनम सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि रागिनी सरकारी शिक्षिका हैं। परिवार के सभी सदस्य अमेरिका के नागरिक हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू गए थे
परिवार के मुताबिक, 20 अगस्त को सभी लोग अमेरिका से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद दिल्ली से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए काठमांडू रवाना हुए। इससे पहले उन्होंने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी किए थे। उनके साथ कुल 31 लोग थे, जिनमें 26 पर्यटक और पांच गाइड शामिल थे।
श्यामनगर में रहने वाले सबसे छोटे भाई डॉ. अनुज मिश्रा ने बताया कि आखिरी बार 25 अगस्त को उनकी भाई पंकज से बात हुई थी। इसके बाद से पंकज, रागिनी और पूनम से संपर्क नहीं हो सका है। परिवार लगातार फोन मिलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा। नेपाल में आई त्रासदी के बाद से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिवार नेपाल के पीएमओ से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।
माता-पिता को बताया- फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा
अनुज ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र और मां सुमन दोनों हृदय रोगी हैं। ऐसे में परिवार ने उन्हें नेपाल में अपनों के लापता होने की जानकारी नहीं दी है। माता-पिता बार-बार बेटे और बहू से बात कराने के लिए कह रहे हैं तो परिजन उन्हें फोन पर संपर्क नहीं हो पाने की बात बताकर टाल रहे हैं।
बुजुर्ग माता-पिता को किसी तरह खबर न मिल जाए, इसके लिए घर में आने वाला अखबार बंद करा दिया गया है। टीवी का कनेक्शन भी कटवा दिया गया है। परिवार इस समय एक तरफ अपनों के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहा है, वहीं दूसरी ओर माता-पिता से सच्चाई छिपाने की मजबूरी से जूझ रहा है।
‘बहन राखी भेजती थी, इस बार मन बेचैन है’
पीरोड में रहने वाले रागिनी मिश्रा के भाई प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन पर उनकी बहन हर साल राखी भेजती थीं। इस बार भी उन्होंने राखी भेजी थी, लेकिन अब बहन, बहनोई और उनकी देवरानी के लापता होने की खबर ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया है। प्रवीण ने कहा कि परिवार लगातार उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। हर फोन कॉल और हर नई सूचना के साथ परिजनों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
