कौशाम्बी में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, मनौरी बाजार दहला, 5 की मौत, कई की हालत नाजुक
विस्फोट के बाद उठे धुएं के गुबार ने आसपास के इलाके को ढक लिया। बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि मकानों की ईंट और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
फैक्टरी में मौजूद थे करीब दर्जनभर लोग
बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है। अचानक मकान से धुआं उठने के बाद पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। इसके बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए।
आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण फैक्टरी के अंदर जाना मुश्किल था। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। आग और विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
जेसीबी से मलबा हटाकर तलाशे जा रहे लोग
हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी और प्रयागराज जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की पुलिस फोर्स के साथ राहत और बचाव दल को लगाया गया है। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर उसमें दबे लोगों की तलाश की जा रही है।
घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सेना और एयरफोर्स के जवान भी रेस्क्यू में जुटे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना के जवानों को भी मौके पर बुलाया गया है। एयरफोर्स के जवान राहत और बचाव अभियान में शामिल होकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त के अलावा कौशाम्बी के डीएम और एसपी समेत दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी प्रयागराज और एसीपी डॉ. अजय पाल शर्मा भी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
आसपास के इलाकों में दहशत
लगातार हुए धमाकों से मनौरी बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई मकानों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की है। फैक्टरी में आग लगने और उसके बाद हुए भीषण विस्फोट का वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
