August 31, 2026

लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, जॉर्डन में US सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी

0
photo-3-1-1788148457

नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर दो सैन्य लॉन्चरों को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्यकर्मी और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं।

अमेरिका ने लारक द्वीप पर दो लॉन्चरों को बनाया निशाना

अमेरिकी सेना ने रविवार को लारक द्वीप पर दो ईरानी लॉन्चरों पर हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, IRGC के जवान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री खदानें बिछाने के लिए रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

यह जुलाई के अंत के बाद ईरान के भीतर अमेरिका का पहला ज्ञात हमला बताया जा रहा है। उस समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े दो सप्ताह के अमेरिकी सैन्य अभियान को रोक दिया था।

एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस और बाद में रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना ने दो ईरानी लॉन्चरों को निशाना बनाया। अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना इलाके पर करीबी नजर रख रही है और जलडमरूमध्य से होकर व्यापार के मुक्त प्रवाह की सुरक्षा के लिए तैयार है।

समुद्री खदानों को लेकर अमेरिका की जीरो टॉलरेंस नीति

अमेरिकी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सेना ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख्य शिपिंग रूट से समुद्री खदानें हटाने का अभियान पूरा किया था।

इसके बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि समुद्री खदानें बिछाने में शामिल किसी भी जहाज या नाव को तुरंत और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा था कि समुद्री खदानें बिछाने को लेकर अमेरिका की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है।

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया

लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के जवाब में IRGC ने सोमवार को दावा किया कि उसने जॉर्डन में किंग हुसैन और अल-अज्रक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरानी मीडिया ने इसकी जानकारी दी।

इससे पहले IRGC ने कहा था कि अमेरिकी हमले का जवाब ईरान के लोग देंगे और हमलावर को इसकी कीमत चुकानी होगी। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्यकर्मी और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं।

IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि लारक द्वीप पर हमले की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य, दोनों मोर्चों पर चुकानी होगी।

ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत का भी दावा

IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अलग से दावा किया कि हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इसमें दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए हैं।

ईरान की ताजा जवाबी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव और बढ़ने की आशंका है। अमेरिका अब सीधे बमबारी अभियान के साथ-साथ ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। यह संघर्ष अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *