एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट क्यों? अश्विन ने पंत के रवैये पर उठाए सवाल, ‘जेनरेशन के खिलाड़ी’ का टैग भी नकारा
‘पंत से मेरी उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हुईं’
अपने यूट्यूब चैनल ‘एश की बात’ पर अश्विन ने कहा कि पंत से उनकी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में किसी बल्लेबाज के स्वाभाविक अंदाज को ही हर परिस्थिति में सही नहीं माना जा सकता। खिलाड़ी को यह भी देखना चाहिए कि उस वक्त टीम की जरूरत क्या है।
अश्विन ने कहा, ‘ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब खेल आपके हाथ में हो, तब ये कहना कि ऋषभ इसी तरह खेलता है सही नहीं है। सवाल यह है कि उस समय आपकी टीम को क्या चाहिए।’
एक गलती पूरे टेस्ट का रुख बदल सकती है
अश्विन ने पंत के आक्रामक क्रिकेट के समर्थन में दिए जाने वाले तर्कों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच जीतने के लिए पूरी टीम के 11 खिलाड़ियों का योगदान जरूरी होता है, लेकिन एक गलत फैसला हार की वजह बन सकता है।
उन्होंने सिडनी और ब्रिस्बेन में पंत की पारियों की तारीफ की, लेकिन साथ ही वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों के योगदान को भी अहम बताया।
अश्विन के मुताबिक, ‘एक टेस्ट मैच बनाने और आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की जरूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खतापूर्ण गलती काफी होती है।’
सहवाग-गिलक्रिस्ट से तुलना भी मंजूर नहीं
अश्विन ने पंत की तुलना वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट से किए जाने पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी बेहद आक्रामक क्रिकेट खेलते थे, लेकिन मैच की परिस्थितियों को पूरी तरह नजरअंदाज करके जोखिम नहीं लेते थे।
उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को यह समझना जरूरी है कि कब आक्रमण करना है और कब स्थिति के मुताबिक संयम बरतना है। अश्विन ने साफ किया कि वह पंत को बतौर खिलाड़ी पसंद करते हैं, लेकिन परिस्थितियों के हिसाब से फैसले लेने की क्षमता में अभी सुधार की जरूरत है।
‘किसी एक खिलाड़ी को विशेष ट्रीटमेंट मत दीजिए’
अश्विन ने पंत को ‘एक पीढ़ी में आने वाला खिलाड़ी’ बताकर उन्हें अतिरिक्त समर्थन देने की दलील को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि अगर पंत जैसे खिलाड़ी को विशेष समर्थन दिया जाता है तो यशस्वी जायसवाल जैसे युवा खिलाड़ियों को भी वैसा ही भरोसा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘किसी एक खिलाड़ी को विशेष ट्रीटमेंट मत दीजिए। अगर एक पीढ़ी में आने वाले खिलाड़ी को इतना समर्थन देना है, तो यह समर्थन सभी को मिलना चाहिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसा ही खिलाड़ी है।’
50 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके हैं, अब जिम्मेदारी जरूरी
अश्विन ने पंत के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि अब उन्हें युवा या अनुभवहीन खिलाड़ी नहीं माना जा सकता। वह 50 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके हैं और इसलिए उनसे जिम्मेदारी के साथ खेलने की उम्मीद की जाती है।
अश्विन ने कहा, ‘ऋषभ अनुभवी हैं। वह 50 टेस्ट खेल चुके हैं। अब उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी। एक पीढ़ी में आने वाला खिलाड़ी वाली दलील मत दीजिए। उनकी निर्णय लेने की क्षमता की वजह से ही वह बाकी दो फॉर्मेट नहीं खेल रहे हैं।’
हालांकि, अश्विन ने यह भी कहा कि अगर पंत को उनकी गलतियों के बारे में सही तरीके से बताया जाए और वह अपनी निर्णय लेने की क्षमता पर काम करें, तो वह भविष्य में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।
प्रतिभा पर नहीं, फैसलों पर सवाल
अश्विन ने स्पष्ट किया कि पंत की प्रतिभा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। उनकी आपत्ति मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट में जोखिम लेने के तरीके और समय को लेकर है। पंत को अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज और टीम की जरूरत के बीच बेहतर तालमेल बैठाना होगा।
अश्विन ने कहा, ‘मुझे ऋषभ पंत खिलाड़ी के तौर पर बहुत पसंद हैं।’ साथ ही उन्होंने जोर दिया कि बेहतर निर्णय लेने की क्षमता ही पंत को टेस्ट क्रिकेट में और प्रभावी बना सकती है।
