कनाडा के निवेशकों पर भारत की नजर, सीतारमण बोलीं- नीतियां अनुकूल और टैक्स व्यवस्था में बढ़ी निश्चितता
राउंडटेबल में क्लीन टेक्नोलॉजी जरूरी खनिज रेयर अर्थ्स एनर्जी स्टोरेज सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर कृषि फूड प्रोसेसिंग ऑटोमोबाइल टेक्सटाइल्स ग्रीन स्टील एयरोस्पेस स्पेस साइबर सिक्योरिटी बायोटेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एसेट मैनेजमेंट हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हुए। इससे साफ है कि भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की तकनीकों और उभरते उद्योगों तक विस्तार देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में ओटीपीपी के लंबे समय से जारी भरोसे और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के साथ उसकी साझेदारी की सराहना की। दोनों पक्षों के बीच पार्टनरशिप और को इन्वेस्टमेंट के जरिए भारत में ओटीपीपी के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाने की संभावनाओं पर बातचीत हुई। ट्रांसमिशन ट्रांसपोर्ट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों को खास तौर पर महत्वपूर्ण बताया गया।
सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों के लिए गिफ्ट आईएफएससी को एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया और ओटीपीपी को भारत के साथ अपने आर्थिक जुड़ाव को और मजबूत करने तथा बड़े निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने ओएमईआरएस के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से भी मुलाकात की और भारत में संस्थान के लगातार भरोसे की सराहना की। बातचीत में इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में लंबे समय की साझेदारी को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान ट्रांसपोर्टेशन ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि बढ़ते मध्यम वर्ग और तेजी से बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।
वित्त मंत्री ने कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में सीपीपीआईबी के लंबे समय के भरोसे और एनआईआईएफ इंफ्रा फंड II में उसके निवेश की सराहना की। दोनों पक्षों के बीच ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी सड़कें बंदरगाह शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों में संस्थागत पूंजी के लिए नए अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री का यह दौरा भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और कनाडाई निवेशकों के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
