चारधाम यात्रा 2026: मौसम की चुनौतियों के बावजूद नहीं थम रहे आस्था के कदम
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दर्शनार्थियों का आंकड़ा 48 लाख पार
मौसम की चुनौतियों के आगे भी चारधाम यात्रा में आस्था के कदम नहीं रुक रहे हैं। इस साल भी यात्रा नए रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है। अब तक दर्शन करने वालों का आंकड़ा 48 लाख पार हो चुका है। सबसे अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।
मानसून सीजन में उच्च हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा करना चुनौती व जोखिम भरा रहता है। यात्रा मार्गों पर भूस्खलन को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं से मानसून संबंधित जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने का आग्रह किया जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बावजूद केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पांच से छह हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
सितंबर से चारधाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू होगा। 19 अप्रैल से 22 सितंबर तक चारधाम यात्रा में 48.11 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। इसमें बदरीनाथ धाम में सबसे अधिक 16.57 लाख, केदारनाथ धाम में 14.66 लाख गंगोत्री में 7.48 लाख, यमुनोत्री में 6.69 लाख और हेमकुंड साहिब 2.71 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
61.71 लाख से अधिक का अब तक पंजीकरण
चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए प्रदेश सरकार ने पंजीकरण को अनिवार्य किया हुआ है। पर्यटन विभाग ने यात्रा के लिए एक माह पहले 6 मार्च 2026 से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था। जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई थी। 22 अगस्त तक यात्रा के लिए 61.71 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। केदारनाथ धाम के लिए 20 लाख, बदरीनाथ धाम में 18.43 लाख, गंगोत्री में 10.62 लाख, यमुनोत्री में 10.11 लाख व हेमकुंड साहिब में 2.55 लाख पंजीकरण हो चुके हैं।
