MP News: अपनी ही सरकार पर विधायक ने उठाए सवाल, भाजपा कार्यक्रम में महिला सम्मान पर बवाल; भोपाल थाने में TI और हिंदू नेता आमने-सामने
जबलपुर जिले के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों की हालत खराब है और इसका सीधा असर जनप्रतिनिधियों पर पड़ता है। उनका कहना है कि जब सड़कें खराब होती हैं तो परेशान जनता सबसे पहले स्थानीय विधायक से सवाल करती है। विधायक ने यह भी कहा कि सड़क चाहे लोक निर्माण विभाग की हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ी हो कई जगहों पर स्थिति खराब है। उनके बयान को अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है।
विधायक ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ठेकेदार काम हासिल करने की प्रतिस्पर्धा में कम दर पर ठेके लेते हैं और निर्माण प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। खराब सड़कें केवल आवागमन की परेशानी नहीं बल्कि आम लोगों की नाराजगी का कारण भी बनती हैं। यही वजह है कि विधायक ने कहा कि जनता की नाराजगी का पहला सामना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को करना पड़ता है।
दूसरी तस्वीर गुना के एक भाजपा कार्यक्रम से सामने आई जहां भाजपा विधायक प्रियंका मीणा और नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता को काफी देर तक खड़े रहना पड़ा। कार्यक्रम में मौजूद पुरुष नेताओं के लिए कुर्सियां और सोफा मौजूद थे लेकिन दोनों महिला जनप्रतिनिधियों के लिए बैठने की व्यवस्था नजर नहीं आई। आखिरकार विधायक ने खुद अपनी कुर्सी लगाई और बैठ गईं। इसके बाद अपने भाषण में उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों को बराबरी का सम्मान दिए जाने की बात कही। उन्होंने महिला आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को भी बराबरी के साथ बैठाने से ही वास्तविक महिला सशक्तीकरण की तस्वीर सामने आएगी।
इस घटना के बाद भाजपा के कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रियंका मीणा इससे पहले भी महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य के साथ सार्वजनिक मंच पर बहस को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं।
इसी बीच भोपाल के जहांगीराबाद थाने का एक वीडियो भी चर्चा में है। यहां हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और थाना प्रभारी राजन सिंह के बीच एक मामले को लेकर तीखी बहस हो गई। बताया गया कि हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच बात बढ़ गई। मौके पर एसीपी उमेश तिवारी भी मौजूद थे और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास करते नजर आए।
इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक संगठनों के साथ संवाद को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तीनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन से जुड़े अलग अलग पहलुओं को एक साथ चर्चा में ला दिया है। सड़क व्यवस्था पर विधायक की नाराजगी हो या महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने का सवाल या फिर थाने में पुलिस और संगठन के बीच तीखी बहस ये घटनाएं बताती हैं कि जनता और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुद्दों पर अब सार्वजनिक जवाबदेही की मांग लगातार बढ़ रही है।
