August 23, 2026

निज्जर हत्याकांड पर कथित बातचीत सामने आई, गोल्डी बराड़ ने हत्या के पीछे दुश्मनी और नेटवर्क का जिक्र किया

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नई दिल्ली ।कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कथित तौर पर सामने आए एक ऑडियो ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल ऑडियो में भारत में वांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा से बातचीत करते हुए सुना जाने का दावा किया जा रहा है। बातचीत में बराड़ ने कथित तौर पर निज्जर की हत्या कराने की जिम्मेदारी लेने और इसके पीछे कई कारण बताए हैं।

कथित ऑडियो में बराड़ ने निज्जर को अपना विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि वह उसके दुश्मनों की मदद कर रहा था। बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि निज्जर ने उसके विरोधी अर्श डाला को छिपने में सहायता दी, हथियारों की व्यवस्था कराने और नेटवर्क तैयार करने में मदद की। बराड़ ने यह भी आरोप लगाया कि निज्जर ने उसकी टीम से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी विरोधियों तक पहुंचाई थी।

ऑडियो में बराड़ ने निज्जर पर युवाओं को नशे के कारोबार में इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उसके अनुसार, निज्जर कथित तौर पर कम उम्र के युवाओं को ड्रग्स की बिक्री के लिए तैयार करता और दबाव या ब्लैकमेल के जरिए उनका इस्तेमाल करता था। हालांकि, ऑडियो में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें कथित बातचीत में बराड़ के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

बराड़ ने कथित बातचीत में कहा कि निज्जर द्वारा उसके विरोधियों की लगातार मदद किए जाने के बाद उसकी टीम ने उसे निशाना बनाया। उसने यह भी दावा किया कि निज्जर के कारण उसकी गैंग से जुड़े कई लोग जेल पहुंचे थे। बातचीत में हत्या को लेकर जिम्मेदारी का दावा किए जाने से यह ऑडियो सामने आने के बाद निज्जर हत्याकांड पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हुआ था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित भूमिका के आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया था और कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

निज्जर लंबे समय से भारत की सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। उसे भारत सरकार ने 2020 में आतंकवादी घोषित किया था। उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही थी। 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था। निज्जर पर खालिस्तान टाइगर फोर्स से जुड़े होने और भारत में हिंसक गतिविधियों की साजिश से संबंधित आरोप लगाए गए थे।

निज्जर की हत्या के बाद कनाडा में जांच आगे बढ़ी और कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसी बीच गोल्डी बराड़ का नाम भी हत्याकांड की जांच से जुड़े आरोपों में सामने आता रहा है। कथित नए ऑडियो में बराड़ द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा मामले की जांच और पहले सामने आए आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन केवल किसी लीक रिकॉर्डिंग के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

इस पूरे मामले में ऑडियो की प्रामाणिकता, बातचीत की तारीख, रिकॉर्डिंग के संदर्भ और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी। निज्जर हत्याकांड भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक संबंधों से जुड़ा संवेदनशील मामला रहा है और सामने आए किसी भी नए दावे का मूल्यांकन उपलब्ध साक्ष्यों तथा आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जाना जरूरी है।

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