August 21, 2026

पाकिस्तान से आया अभिजीत दीपके के नाम खत, CJI सूर्यकांत के जिक्र से मचा बवाल, जानिए क्या लिखा ?

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नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर चर्चा में हैं। अब उनके नाम पाकिस्तान के लाहौर से एक खत आया है। पाकिस्तान के युवा एक्टिविस्ट एहतेशाम हसन ने लिखे इस पत्र में भारत और पाकिस्तान के युवाओं की समस्याओं, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र किया गया है। पत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के नाम का भी उल्लेख है।

यह खत न्यूज वेबसाइट ‘स्क्रॉल’ में प्रकाशित हुआ है। लेखक ने अभिजीत दीपके के आंदोलन को पाकिस्तान के युवाओं के संघर्ष से जोड़ते हुए कहा है कि सीमा के दोनों ओर युवा कई तरह की समान चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

लाहौर से लिखे खत में क्या कहा?
एहतेशाम हसन ने पत्र की शुरुआत अभिजीत को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा कि वह लाहौर से यह खत लिख रहे हैं और उस पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो लंबे समय से दबाव के माहौल में बड़ी हुई है।

उन्होंने अभिजीत के आंदोलन को देखते हुए कहा कि सीमा पार से सामने आई उनकी मुहिम में उन्हें अपनी स्थिति की झलक दिखाई देती है। पत्र में दोनों देशों के युवाओं के बीच बेरोजगारी, शिक्षा और अवसरों से जुड़े मुद्दों की तुलना की गई है।

CJI सूर्यकांत का भी पत्र में जिक्र
पत्र में मई में हुई एक सुनवाई का भी उल्लेख किया गया है। लेखक ने दावा किया कि उस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

हसन ने इसी कथित टिप्पणी को अभिजीत दीपके की ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जोड़ते हुए लिखा कि पाकिस्तान के युवाओं ने इस शब्द को तुरंत पहचान लिया। उनके मुताबिक, सत्ता और ताकत रखने वाले लोग बड़ी संख्या में युवाओं को अक्सर बेकार समझते हैं।

‘भारत में आलोचना की ज्यादा आजादी’
पाकिस्तानी एक्टिविस्ट ने पत्र में भारत और पाकिस्तान की परिस्थितियों के बीच अंतर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोगों को वैसी आजादी हासिल नहीं है, जैसी भारत में है।

उन्होंने अभिजीत के आंदोलन का उदाहरण देते हुए लिखा कि उन्होंने आलोचना के जवाब में अपने अभियान का नाम ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ रख लिया और इसे एक आंदोलन का रूप दिया।

‘आपकी मुहिम से हमें प्रेरणा मिलती है’
हसन ने अभिजीत के अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि उनका आंदोलन पाकिस्तान के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने डिजिटल पहुंच का जिक्र करते हुए लिखा कि पाकिस्तान के युवा सोचते हैं कि अगर उनके पास भी ऐसा मंच होता तो वे अपनी बात कितनी दूर तक पहुंचा सकते थे।

उन्होंने अभिजीत की मुहिम को एक तरफ चेतावनी और दूसरी तरफ उम्मीद बताया। इस पत्र के सामने आने के बाद अभिजीत दीपके का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है और अब इसमें पाकिस्तान के युवा एक्टिविस्ट की प्रतिक्रिया भी जुड़ गई है।

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