सोनाक्षी सिन्हा की ट्रोलिंग पर भड़के शत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी आईटी सेल पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला
नई दिल्ली ।अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने के मुद्दे पर उनके पिता और तृणमूल कांग्रेस के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी के खिलाफ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा विरोध स्वाभाविक नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सुनियोजित और प्रायोजित है। शत्रुघ्न सिन्हा ने इस प्रकार की गतिविधियों के पीछे सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल से जुड़े लोगों और उनकी नीतियों का समर्थन करने वाले समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।
एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जो लोग उनकी बेटी को ट्रोल कर रहे हैं और विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, वे पेशेवर और पेड ट्रोल्स हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों को स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त करने की समझ नहीं होती, बल्कि उन्हें जो लिखित सामग्री दी जाती है, वे उसी के आधार पर अभियानों को अंजाम देते हैं। उन्होंने इसे एक बनावटी और राजनीतिक रूप से प्रेरित हमला करार दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोनाक्षी सिन्हा ने छात्र आंदोलनों और नागरिक अधिकारों से जुड़ी पहलों के समर्थन में अपनी बात रखी थी। इस दौरान जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रोके जाने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई की उन्होंने खुलकर निंदा की थी। सोनाक्षी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे युवाओं की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए थे, जिसके बाद वे कुछ वर्गों के निशाने पर आ गईं।
बेटी के रुख का समर्थन करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि सोनाक्षी ऐसे भ्रामक और नकारात्मक अभियानों पर ध्यान नहीं देती हैं। उन्होंने अपनी बेटी के मानसिक धैर्य और निडरता की तारीफ की। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या सोनाक्षी भविष्य में सक्रिय राजनीति में कदम रख सकती हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस विषय पर पहले से कोई दावा नहीं कर सकते, हालांकि उन्होंने सोनाक्षी की क्षमताओं पर पूरा विश्वास व्यक्त किया।
साक्षात्कार के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा से यह भी पूछा गया कि क्या सोनाक्षी का समर्थन केवल चुनिंदा मुद्दों तक सीमित है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी ने विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के छात्रों से जुड़े विषयों पर भी समय-समय पर अपनी आवाज उठाई है। उन्होंने राजनीतिक आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर बोलना किसी भी नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और राजनीतिक बहसों के स्वरूप पर चर्चा को जन्म दे दिया है। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस विषय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शत्रुघ्न सिन्हा के इस बयान के बाद आईटी सेल और ऑनलाइन ट्रोल्स की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
