निगम परिषद की बैठक में गरमाएगा भोपाल का मुद्दा! सड़कें खुदी पड़ीं और सफाई व्यवस्था बदहाल फिर भी चर्चा से बाहर
नगर निगम परिषद की बैठक की शुरुआत पार्षदों के सवाल जवाब से होगी। इसके बाद एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। बताया गया है कि सम्मेलन में नगर निगम की खाली हुई एक बिल्डिंग को किराए पर दिए जाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। विपक्ष का कहना है कि जब शहर के सामने बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल खड़े हैं तो परिषद की बैठक में इन विषयों पर प्राथमिकता से चर्चा होनी चाहिए।
बारिश के बाद भोपाल की सड़कों की स्थिति विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। राजधानी में कई स्थानों पर सड़कें उखड़ी हुई हैं और कुछ इलाकों में सड़क निर्माण या दूसरे कामों के कारण रास्ते प्रभावित हैं। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। ऐसे में आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष का सवाल है कि शहर की ऐसी स्थिति के बीच सड़क और जलभराव जैसे मुद्दे परिषद की बैठक में चर्चा का हिस्सा क्यों नहीं बनाए गए।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष नगर निगम को घेरने की तैयारी में है। कई इलाकों में बारिश के बाद कचरा जमा होने और जल निकासी से जुड़ी शिकायतों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि शहर की सफाई और बुनियादी सुविधाएं सीधे तौर पर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हैं। ऐसे में परिषद की बैठक में इन विषयों पर पार्षदों को सवाल पूछने और अधिकारियों से जवाब लेने का मौका मिलना चाहिए।
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने एजेंडे को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर बैठक में शहर सरकार की ओर से जनहित के मुद्दों को पर्याप्त जगह नहीं दी जाती। उन्होंने दावा किया कि पिछली बैठक में भी जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की मांग की गई थी लेकिन विपक्ष की बात नहीं सुनी गई। अब एक बार फिर शहर की प्रमुख समस्याओं को एजेंडे से बाहर रखने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
सीनियर पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने भी भोपाल की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक शहर की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और तेज बारिश के बाद राजधानी के बड़े हिस्से में पानी भरने की स्थिति बनी। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था भी कई स्थानों पर ठीक नहीं है। विपक्ष इन सभी मुद्दों को परिषद की बैठक में उठाने की तैयारी में है।
यह सम्मेलन इस साल का पहला ऐसा परिषद सम्मेलन बताया जा रहा है जिसमें पार्षदों को सवाल जवाब के जरिए शहर से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। इससे पहले इस साल दो सम्मेलन हुए हैं लेकिन उनमें एक महिला सशक्तिकरण और दूसरा कचरे के नए नियमों से संबंधित था। इन बैठकों में पार्षदों के सवाल जवाब का सामान्य प्रारूप नहीं था।
अब बुधवार की बैठक में विपक्ष के तेवर और सत्ता पक्ष के जवाब पर सबकी नजर रहेगी। एजेंडे में जनहित के मुद्दों की कमी को लेकर विपक्ष पहले ही अपनी रणनीति स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में सड़क जलभराव सफाई और शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल बैठक में जोरदार तरीके से उठने की संभावना है। अगर इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होती है तो निगम परिषद का यह सम्मेलन हंगामेदार हो सकता है।
