ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बारूद से जुड़े काम के दौरान हादसा: कर्मचारी घायल, जांच के लिए बनाई गई कमेटी
मिली जानकारी के मुताबिक घायल कर्मचारी की पहचान वासुदेव राम के रूप में हुई है। उसके साथी कर्मचारी शिवेंद्र रजक के अनुसार वासुदेव राम खोखे में बारूद भरने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चिंगारी निकल गई जिसकी चपेट में आने से उनका हाथ झुलस गया। घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें उपचार के लिए फैक्ट्री अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फैक्ट्री के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वासुदेव राम बम के लिए ट्रेसर से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान चिंगारी निकलने से उनका बायां हाथ झुलस गया। उन्होंने बताया कि कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर है और उसका उपचार कराया जा रहा है।
हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मामले की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। जांच के दौरान हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
इधर साथी कर्मचारियों ने फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन का पूरा ध्यान घायल कर्मचारी के इलाज और हादसे की वजह पता करने पर है।
जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में पहले भी बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। कुछ समय पहले फैक्ट्री के एफ-6 सेक्शन की बिल्डिंग नंबर 200 में भीषण ब्लास्ट हुआ था जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी जबकि 10 से अधिक कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई गई थी। पुराने हादसे की पृष्ठभूमि में ताजा घटना ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल वासुदेव राम की हालत स्थिर बताई जा रही है। बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चिंगारी निकलने की वजह क्या थी और हादसे के लिए कोई तकनीकी या मानवीय कारण जिम्मेदार था या नहीं।
