मिस वर्ल्ड की ग्लैमरस छवि बदलकर ऐश्वर्या राय को बनाया ताल की मानसी, निर्देशक सुभाष घई ने पुरानी यादें कीं ताजा
सुभाष घई ने बताया कि फिल्म में मुख्य महिला किरदार मानसी के लिए एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो न केवल अभिनय में निपुण हो बल्कि जटिल नृत्य शैलियों को भी सहजता से पर्दे पर उतार सके। उस समय ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद सौंदर्य और ग्लैमर जगत में एक स्थापित पहचान बना चुकी थीं। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सरोज खान ने सुभाष घई को इस भूमिका के लिए ऐश्वर्या राय का नाम सुझाया था।
फिल्म में ऐश्वर्या राय के किरदार को प्रामाणिक बनाने के लिए सुभाष घई ने उनकी सौंदर्य प्रतियोगिता वाली छवि को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया था। उन्होंने अभिनेत्री से कहा था कि फिल्म के शुरुआती हिस्से में उन्हें बिना किसी मेकअप के एक साधारण और सहज ग्रामीण युवती के रूप में दिखना होगा। इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य उनकी ग्लैमरस छवि को हटाकर दर्शक का ध्यान पूरी तरह उनके अभिनय और किरदार की गहराई पर केंद्रित करना था।
फिल्म में मुख्य अभिनेता के रूप में अक्षय खन्ना के चयन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। सुभाष घई के अनुसार, अक्षय खन्ना के पिता और दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना उन्हें अपने साथ लेकर आए थे। अक्षय खन्ना के चेहरे की गंभीरता और उनके अभिनय में मौजूद गहराई को देखते हुए सुभाष घई ने उन्हें इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुन लिया। उस समय अक्षय खन्ना अपने करियर के शुरुआती चरण में थे, लेकिन इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात बड़ा स्टार बना दिया।
वर्ष 1999 में रिलीज हुई फिल्म ताल न केवल अपनी मनोरम कहानी और शानदार अभिनय के लिए जानी जाती है, बल्कि एआर रहमान द्वारा तैयार किए गए इसके सदाबहार संगीत ने भी इतिहास रचा था। अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना के अभिनय से सजी इस फिल्म को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी भारी व्यावसायिक सफलता मिली थी। फिल्म के गीत आज भी दर्शकों और संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
इस कल्ट क्लासिक फिल्म के 27 साल पूरे होने के अवसर पर सुभाष घई द्वारा साझा की गई इन यादों ने एक बार फिर हिंदी सिनेमा के उस सुनहरे दौर को ताजा कर दिया है। ऐश्वर्या राय और अक्षय खन्ना के करियर के लिए यह फिल्म एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी, जिसने उन्हें उद्योग में एक मजबूत पहचान दिलाई।
