एशिया कप से पहले खुद को और धार दे रहीं दीप्ति शर्मा, बोलीं- द हंड्रेड से तीनों विभाग में सुधार का मौका
दीप्ति ने कहा कि वह द हंड्रेड के हर मैच और हर अनुभव का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक इस प्रतियोगिता में खेलने से उन्हें अपनी स्किल्स को बेहतर करने का शानदार मौका मिल रहा है। उनका फोकस सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन पर नहीं बल्कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देने पर भी है। दीप्ति के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तुरंत बाद भारतीय टीम को एशिया कप जैसे बड़े मुकाबले में उतरना है।
सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने अनुभव को लेकर भी दीप्ति काफी उत्साहित नजर आईं। उन्होंने बताया कि टीम में चुने जाने के बाद वह बेहद खुश थीं क्योंकि ऑरेंज उनका पसंदीदा रंग है। लीड्स में घरेलू मैदान पर खेलने का अनुभव भी उनके लिए खास है। स्टेडियम में बड़ी संख्या में सनराइजर्स के प्रशंसकों की मौजूदगी उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा देती है। दीप्ति ने कहा कि टीम के खिलाड़ी एक दूसरे के योगदान की सराहना करते हैं और इसी माहौल में वे हर मुकाबले से कुछ नया सीखने की कोशिश कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने को दीप्ति सबसे बड़े गर्व के पलों में से एक मानती हैं। उनके लिए भारतीय टीम की नीली जर्सी सिर्फ खेल की पोशाक नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत त्याग और संघर्ष का परिणाम है। वह मानती हैं कि देश के लिए खेलने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। जब उम्मीदें ज्यादा होती हैं और खिलाड़ी उन उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल होता है तो वह पल बेहद खास बन जाता है। यही भावना उन्हें मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती है।
दीप्ति दबाव वाले मुकाबलों को भी चुनौती के रूप में देखती हैं। उनका मानना है कि हर मैच महत्वपूर्ण होता है और किसी एक बड़े टूर्नामेंट तक सीमित होकर तैयारी करना सही तरीका नहीं है। वह हर मुकाबले में अपना पूरा योगदान देने की कोशिश करती हैं। मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करना उन्हें पसंद है क्योंकि ऐसे मौके खिलाड़ी को अपनी कमियों पर काम करने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं।
महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा और भारतीय टीम के लिए यह अहम टूर्नामेंट माना जा रहा है। इसके बाद फरवरी 2027 में महिला चैंपियंस ट्रॉफी भी खेली जानी है। हालांकि दीप्ति फिलहाल भविष्य की बजाय मौजूदा चुनौती पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि अभी उनका पूरा फोकस द हंड्रेड पर है और इस प्रतियोगिता से हासिल अनुभव को वह एशिया कप में भारत के लिए उपयोग करना चाहती हैं।
