जनगणना 2027 में जाति के सवाल पर गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर हमला, बोले अपनी जाति बतानी पड़ेगी
गिरिराज सिंह ने कहा कि जनगणना में जब जाति से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी तो राहुल गांधी को भी अपनी जाति बतानी होगी। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी जाति के बारे में जवाब देना पड़ा तो उनके लिए स्थिति अलग हो सकती है। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान राहुल गांधी के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए।
जनगणना 2027 के लिए जारी किए गए प्रश्नों में जाति से संबंधित सवाल को विशेष रूप से शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जाति संबंधी प्रश्न सूची में 10वें स्थान पर है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ जाति की जानकारी का विकल्प भी जोड़ा गया है। यह बदलाव सामाजिक संरचना से जुड़ा विस्तृत आंकड़ा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आजादी के बाद होने वाली जनगणनाओं के संदर्भ में यह प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार सभी समुदायों की जाति संबंधी जानकारी दर्ज किए जाने की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के फॉर्म में जाति से जुड़े सवाल के तहत मुख्य रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती थी।
नई जनगणना में केवल जाति तक सीमित जानकारी नहीं ली जाएगी। व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता और धर्म जैसे विषयों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसके साथ माता-पिता से जुड़ी जानकारी भी जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा होगी।
शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को लेकर भी सवाल पूछे जाने हैं। व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं, उसकी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता क्या है और संबंधित अध्ययन क्षेत्र कौन सा है, जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इससे देश की शिक्षा व्यवस्था और मानव संसाधन से जुड़े आंकड़ों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
जनगणना में लोगों की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। व्यक्ति ने पिछले एक वर्ष में काम किया है या नहीं, उसका व्यवसाय क्या है और वह किस क्षेत्र में कार्य करता है, जैसे प्रश्न शामिल किए गए हैं। कामगार की श्रेणी और काम से जुड़ी अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
इसके अलावा काम की तलाश, काम करने की उपलब्धता और कार्यस्थल तक आने जाने से जुड़े विवरण भी दर्ज किए जाएंगे। जनगणना के दौरान मोबाइल नंबर, आधार, मतदाता पहचान पत्र और बैंक खाते से संबंधित सवालों को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जाति जनगणना को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच पहले से राजनीतिक मतभेद रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लंबे समय से जातिगत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग करते रहे हैं। ऐसे में जनगणना 2027 में जाति संबंधी जानकारी शामिल किए जाने का निर्णय राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
