पाकिस्तान के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें नई कीमतों से आम लोगों पर कितना बढ़ा बोझ
नई दिल्ली । पाकिस्तान अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महंगाई की एक और चुनौती का सामना कर रहा है। देश में 14 अगस्त से पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। ईंधन के दाम बढ़ने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ परिवहन और कारोबार की लागत पर पड़ने की संभावना है।
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल की कीमत में 0.45 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इसके बाद पेट्रोल का दाम 324.98 रुपये से बढ़कर 325.43 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद देश में पेट्रोल की कीमत 325 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई है।
हाई-स्पीड डीजल के दाम में इससे अधिक वृद्धि की गई है। इसकी कीमत 1.16 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 382.79 रुपये से 383.95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। नई दरें 14 अगस्त से प्रभावी मानी जा रही हैं। डीजल की कीमत में यह वृद्धि विशेष रूप से परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन में डीजल की बड़ी भूमिका होती है।
ईंधन की नई कीमतें पाकिस्तान के बदले हुए पेट्रोलियम मूल्य निर्धारण तंत्र के तहत तय की गई हैं। इस व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव घरेलू ईंधन दरों पर तेजी से पड़ सकता है।
पाकिस्तान में ईंधन कीमतों से जुड़ी व्यवस्था में हाल के महीनों में बदलाव किया गया है। जुलाई से लागू नई प्रणाली का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलावों के अनुरूप घरेलू कीमतों को समायोजित करना बताया गया है। पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच ईंधन कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव का असर उन देशों पर ज्यादा पड़ता है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं। पाकिस्तान भी अपनी ईंधन जरूरतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक कीमतों और विनिमय दर में बदलाव घरेलू बाजार में ईंधन की लागत को प्रभावित कर सकते हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने पर माल की ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका प्रभाव खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। पहले से महंगाई का सामना कर रही आबादी के लिए ईंधन की कीमत में मामूली वृद्धि भी घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।
पाकिस्तान में इस वर्ष पहले भी ईंधन कीमतों में बदलाव देखने को मिले हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, क्षेत्रीय तनाव और आयात लागत में बदलाव के कारण वहां ईंधन मूल्य निर्धारण लगातार चर्चा में रहा है।
14 अगस्त को लागू हुई नई दरें ऐसे समय में आई हैं जब पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय उत्सव के बीच पेट्रोल और डीजल महंगा होने से महंगाई का मुद्दा एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा में है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की दिशा और क्षेत्रीय परिस्थितियां यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी कि पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर आगे कितना दबाव बना रहता है।
