August 9, 2026

जेल पहुंचने के 48 घंटे बाद बंदी ने तोड़ा दम, शरीर पर मिले चोट के निशान; पुलिस पर गंभीर आरोप

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भोपाल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद 35 वर्षीय बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान नीरज धाकड़ पुत्र केसर सिंह धाकड़ निवासी देवरी गांव तहसील गौहरगंज जिला रायसेन के रूप में हुई है। नीरज को सूखी सेवनिया पुलिस ने 7 अगस्त को सीमेंट चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे मेडिकल परीक्षण कराया गया और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया। जेल पहुंचने के महज दो दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान रविवार सुबह हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान नीरज के साथ मारपीट की गई थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। उनका आरोप है कि पुलिस की कथित मारपीट के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई। हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों से अलग जानकारी दी है।

सूखी सेवनिया थाने के प्रभारी अरुण शर्मा के अनुसार नीरज को सीमेंट चोरी के मामले में 7 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराया गया था और इसके बाद उसे भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया गया। दूसरी ओर नीरज की पत्नी पूजा ने आरोप लगाया है कि पति के शरीर पर चोट के निशान थे। उनका कहना है कि गिरफ्तारी के बाद से ही नीरज की तबीयत खराब थी और जेल पहुंचने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। परिजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं भोपाल सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट मानवेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि नीरज को सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत हुई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे तत्काल उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा था। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था लेकिन रविवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।

बंदी की मौत के बाद मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान नीरज की गिरफ्तारी से लेकर थाने में रखे जाने की अवधि मेडिकल परीक्षण जेल में दाखिले और अस्पताल में उपचार तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही परिजन की ओर से पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी जांच होगी। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम किया है। नीरज की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में अहम साबित होगी और यह साफ हो सकेगा कि बंदी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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