मथुरा: ब्रज की बढ़ती आध्यात्मिक लोकप्रियता: हर वर्ष मथुरा-वृंदावन में 7.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु-पर्यटक पहुंच रहे
मंदिरों की संख्या के लिहाज से भी ब्रज की पहचान लगातार मजबूत हो रही है। तमिलनाडु के मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर सहित करीब 100 से 150 प्रमुख मंदिर हैं, जबकि मथुरा जनपद में 5 हजार से अधिक पंजीकृत और पौराणिक मंदिर मौजूद हैं। इनमें अकेले वृंदावन में ही लगभग 4 हजार मंदिर हैं, जिससे यह दुनिया के सबसे सघन मंदिर क्षेत्रों में शामिल हो गया है। तुलना करें तो वाराणसी में 3 हजार से अधिक और अयोध्या में करीब 4 हजार मंदिर एवं मठ हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या भी ब्रज की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, वाराणसी में हर वर्ष 8.5 से 10 करोड़, अयोध्या में 5.5 से 6.5 करोड़ और मथुरा-वृंदावन में 7.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंच रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर सड़क संपर्क और वीकेंड पर्यटन ने यहां आने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की है।
ब्रज क्षेत्र में चल रही कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं इसकी धार्मिक और आर्थिक पहचान को नई ऊंचाई दे रही हैं। काशी की तर्ज पर प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर, दुनिया का सबसे ऊंचा 70 मंजिला चंद्रोदय मंदिर, यमुना एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित 9 हजार हेक्टेयर की राया हेरिटेज सिटी और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता इस क्षेत्र को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
इन परियोजनाओं के चलते ब्रज में निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है। बड़े होटल समूह यहां अपने प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं, जबकि जमीनों की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों में 200 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे और निवेश के बढ़ते दायरे के साथ ब्रज अब उत्तर भारत के नए ‘टेंपल कैपिटल’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
