US: ट्रंप प्रशासन का भारतीयों पर एक और प्रहार…. F-1 छात्र वीजा में की भारी कटौती
वाशिंगटन। ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) ने बीते साल भारतीय और चीनी छात्रों को जारी किए जाने वाले एफ-1 छात्र वीजा (F-1 Student Visa) में भारी कटौती की है। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (Center for Immigration Studies) की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 2025 में भारतीय और चीनी नागरिकों को जारी किए छात्र वीजा की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
2024-25 शैक्षणिक सत्र में अमेरिका के उच्च शिक्षण संस्थानों में 11,77,766 विदेशी छात्र पढ़ रहे थे। इनमें भारत के 3,63,019 और चीन के 2,65,919 छात्र शामिल थे। दोनों देशों के छात्र मिलाकर कुल विदेशी छात्रों का 53 प्रतिशत हिस्सा थे।
अमेरिका में ओपीटी योजना भी प्रभावित
डिग्री पूरी करने के बाद ओपीटी कार्यक्रम के तहत विदेशी छात्रों को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलती है। वीजा कटौती से ये योजना भी प्रभावित हुई। आईआईई के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में 2,94,253 विदेशी छात्र ओपीटी के तहत काम कर रहे थे। इनमें भारत के 1,43,740 और चीन के 61,981 छात्र शामिल थे। 2024 में ओपीटी के तहत काम करने वाले 1,65,524 विदेशी छात्रों में से 68 प्रतिशत भारत और चीन के नागरिक थे। इनमें 79,331 भारतीय और 33,807 चीनी छात्र शामिल थे।
सीआईएस का कहना है कि यदि भारत और चीन से आने वाले छात्रों की संख्या घटती है तो ओपीटी के माध्यम से अमेरिकी श्रम बाजार में आने वाले विदेशी पेशेवरों की संख्या भी प्रभावित हो सकती है।
22 हजार भारतीयों को बीते वर्ष जारी हुआ वीजा
रिपोर्ट की मानें तो बीते साल मई से अगस्त के बीच 22149 भारतीयों को एफ-1 छात्र वीजा जारी किए गए। साल 2024 में इसी अवधि के दौरान अमेरिकी प्रशासन द्वारा 58,694 वीजा जारी किए गए थे, यानी 62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। चीनी छात्रों की बात करें तो मई-अगस्त 2025 के दौरान चीनी छात्रों को 40,034 वीजा जारी किए गए। 2024 में ये संख्या 61,075 वीजा जारी हुए थे। इसमें 34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
OPT पर बड़े प्रस्ताव की तैयारी
खबर है कि अगर अब अगर कोई छात्र ग्रेजुएशन के बाद अमेरिका में ही रहकर काम करना चाहता है, तो उसे 1 लाख डॉलर की मोटी फीस सरकार को देनी होगी। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षा के बाद काम की फीस के अलावा नए वीजा नियम भी जारी किए गए हैं। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई के बाद लंबे समय तक अमेरिका में नहीं रह सकेंगे। हालांकि, इस पर अब तक अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है।
OPT का मतलब एक अस्थायी नौकरी से है, जो F-1 वीजा पर अमेरिका पहुंचे छात्र के पढ़ाई के क्षेत्र से जुड़ी होती है। पात्र छात्र 12 महीने का ओपीटी काम हासिल कर सकते हैं।
मौजूदा व्यवस्था है कि जब तक पढ़ाई चल रही है और वीजा के नियमों का पालन किया जा रहा है, तब तक छात्र अमेरिका में रह सकता है। अगर उसकी पढ़ाई लंबी चलती है, तो समय को नियमों का पालन कर बढ़ाया जाता है। अब यह व्यवस्था खत्म होने जा रही है।
