रिकॉर्ड स्तर से नरम पड़े सोने के दाम, छोटे निवेशकों में नियमित डिजिटल गोल्ड खरीदारी का बढ़ा रुझान
घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव मंगलवार को करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। यह कीमत इस वर्ष जनवरी के अंत में दर्ज हुए लगभग 1.78 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। उस समय वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग के कारण सोने ने ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की थी। इसके बाद बाजार में कई बार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों की संभावित दिशा, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बाद भी निवेशकों की नजर आगामी मौद्रिक नीति पर बनी हुई है। इसी वजह से सोने के बाजार में अनिश्चितता का माहौल कायम है।
बाजार विश्लेषकों ने भले ही निकट अवधि के लिए अपने अनुमान में कुछ संशोधन किया हो, लेकिन मध्यम अवधि में सोने को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अभी भी बरकरार है। इसका प्रमुख कारण विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग को माना जा रहा है। हालांकि मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड समय-समय पर कीमतों पर दबाव भी बना सकती हैं।
ऐसे वातावरण में निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही समय पर खरीदारी की रहती है। यदि कोई निवेशक एक साथ बड़ी राशि लगाता है तो ऊंचे भाव पर खरीदारी का जोखिम रहता है, जबकि अधिक इंतजार करने पर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। इस स्थिति में नियमित अंतराल पर छोटी राशि का निवेश अलग-अलग कीमतों पर खरीदारी का अवसर देता है और औसत लागत को संतुलित करने में मदद करता है।
डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म इसी रणनीति को आसान बना रहे हैं। निवेशक बेहद कम राशि से भी 24 कैरेट डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं और नियमित निवेश के लिए स्वचालित योजना का लाभ उठा सकते हैं। इससे छोटे निवेशकों को अपनी आय और बचत के अनुसार धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने की सुविधा मिल रही है।
डिजिटल गोल्ड में खरीदे गए सोने के बराबर भौतिक सोना सुरक्षित वॉल्ट में संरक्षित रखा जाता है। निवेशक जरूरत पड़ने पर अपनी होल्डिंग बाजार भाव पर बेच सकते हैं या निर्धारित शर्तों के अनुसार उसे प्रमाणित भौतिक सोने में बदलकर घर भी मंगवा सकते हैं। इस सुविधा ने डिजिटल माध्यम से सोने में निवेश को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बना दिया है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि सोने को पूरे निवेश का आधार नहीं बल्कि विविधीकृत निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा माना जाना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है, लेकिन नियमित और छोटी राशि के निवेश की रणनीति जोखिम को संतुलित करने का एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभर रही है। इसी कारण बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक अब सही समय का इंतजार करने के बजाय अनुशासित और नियमित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
