NEET पेपर लीक: फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली जज का एक हफ्ते में तबादला, अब अजय गुप्ता करेंगे सुनवाई
137 न्यायाधीशों के साथ हुआ तबादला
हाईकोर्ट ने कुल 137 न्यायाधीशों के तबादले किए हैं। 23 जुलाई को अधिसूचित इस विशेष अदालत का गठन पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए किया गया था। अब जज अनु ग्रोवर बलिगा को एनआईए अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में नियुक्त किया गया है।
आज चार्जशीट पर होगा विचार
नीट पेपर लीक मामले की पहली सुनवाई 27 जुलाई को हुई थी, लेकिन बचाव पक्ष के आग्रह पर उसे स्थगित कर दिया गया था। अब सोमवार को अदालत सीबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने के साथ-साथ दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी। सीबीआई इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट में भी अहम सुनवाई
इधर, नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं, इन याचिकाओं पर विचार करेगी।
शीर्ष अदालत ने 28 जुलाई को राज्यों को निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। साथ ही, जिन 18 वर्ष से कम आयु के प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने को कहा था। अदालत ने निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए कहा था कि कानून हाथ में लेने या किसी भी प्रकार की ज्यादती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
त्वरित न्याय के लिए बनी विशेष अदालत
सरकार ने नीट पेपर लीक प्रकरण में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की थी। सरकार का कहना है कि परीक्षा घोटालों के पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाना प्राथमिकता है। इसके साथ ही पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने के लिए संशोधन विधेयक लाने की भी तैयारी की जा रही है।
