शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।
इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।
इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।
पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।
