August 1, 2026

IOC को 2,661.37 करोड़ का घाटा… कंपनी बोली- पेट्रोल-डीजल-LPG के दाम नहीं से हुआ नुकसान

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नई दिल्ली।
सरकारी पेट्रोलियम कंपनी (State-Owned Petroleum Company) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) (Indian Oil Corporation – IOC) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही (April-June quarter) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को 2,661.37 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 5,688.60 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था जबकि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 11,377.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।


घाटे की वजह क्या है?

आईओसी के चेयरमैन ए.एस साहनी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अन्य सरकारी तेल कंपनियों की तरह पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम नहीं बढ़ाए। इसका नुकसान कंपनी को उठाना पड़ा। हालांकि, इससे हुए नुकसान की भरपाई काफी हद तक तेल रिफाइनरी मार्जिन और परिचालन दक्षता में सुधार से हुई। उन्होंने कहा, ”पहली तिमाही में कंपनी ने करीब 1.91 करोड़ टन कच्चे तेल का अब तक का सर्वाधिक प्रोसेसिंग किया। इसके साथ ही ईंधन और अन्य नुकसान की दर घटकर 8.04 प्रतिशत रही, जो पहले 8.5 प्रतिशत थी।”

इसके साथ ही साहनी ने यह भी कहा कि जून तिमाही में 45 लाख टन पेट्रोल और करीब 1.8 करोड़ टन डीजल की रिकॉर्ड बिक्री हुई। इसके अलावा प्राकृतिक गैस की बिक्री भी 11 प्रतिशत बढ़ी, जिससे कंपनी को सहारा मिला। इस तिमाही में देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी की परिचालन आय 26 प्रतिशत बढ़कर 2.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई लेकिन कंपनी ने पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से खरीद बढ़ाकर कमी की भरपाई की। साहनी ने कहा कि कंपनी ने अगस्त के पूरे माह और सितंबर के कुछ दिनों तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने कहा कि अगले 45-50 दिनों के लिए कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं है।

कंपनी का खर्च कम हुआ

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने के कारण इस मद में कंपनी का खर्च एक साल पहले के 25,637 करोड़ रुपये से घटकर 13,536 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, तैयार उत्पादों के दाम बढ़ने से उसे 20,925 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। मौजूदा कर और लंबित कर के भुगतान में छूट से कंपनी को 613 करोड़ रुपये की बचत हुई।


शेयर का परफॉर्मेंस

इंडियन ऑयल के शेयर की बात करें तो यह शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ 140.15 रुपये पर बंद हुआ। अब सोमवार को शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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