प्रयागराज मेट्रो को मिलेगी रफ्तार, 12 हजार करोड़ की परियोजना का दिसंबर तक शिलान्यास संभव
पीडीए के अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर मिलने के बाद अगस्त में ही प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे केंद्र सरकार के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। चुनावी वर्ष को देखते हुए इस परियोजना को तय समय पर शुरू कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दो कॉरिडोर और 40 स्टेशन होंगे
प्रस्तावित योजना के तहत प्रयागराज में दो प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। पहला ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रयागराज एयरपोर्ट से झूंसी स्थित सिटी लेक फॉरेस्ट तक जाएगा, जबकि दूसरा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर फाफामऊ के शांतिपुरम कॉलोनी से नैनी तक संचालित होगा। दोनों कॉरिडोर पर कुल 40 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। परेड मैदान को इंटरचेंज जंक्शन बनाया जाएगा, जहां से यात्रियों को चारों दिशाओं में मेट्रो की सुविधा मिलेगी। परियोजना के तहत झूंसी और नैनी में 20-20 हेक्टेयर भूमि पर मेट्रो डिपो भी विकसित किए जाएंगे।
महाकुंभ और शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगा लाभ
मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद महाकुंभ और माघ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को संगम और शहर के प्रमुख इलाकों तक तेज और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। परेड इंटरचेंज से झूंसी, फाफामऊ, बमरौली और नैनी की ओर सीधी मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। संगम क्षेत्र में भी मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है।
तीन से आठ कोच वाली मेट्रो का प्रस्ताव
पीडीए के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि प्रयागराज के लिए तीन से आठ कोच वाली फुल मेट्रो ट्रेन की योजना पर डीपीआर तैयार की जा रही है। राइट्स को 14 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि परियोजना निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
