July 30, 2026

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सितारों का कमाल, राष्ट्रपति से लेकर रक्षा मंत्री तक ने दी बधाई, कहा- आपने रचा नया इतिहास

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नई दिल्ली।  कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार देश का गौरव बढ़ा रहा है। सातवें दिन भारत के एथलीटों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और दमदार प्रदर्शन से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। पुरुषों की पैरा 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप महादु गावित ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया जबकि मोहम्मद बासिल ने रजत पदक अपने नाम किया। वहीं पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में मुरली श्रीशंकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित देश के कई वरिष्ठ नेताओं ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रदर्शन को भारतीय खेलों के लिए प्रेरणादायक बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दिलीप महादु गावित और मोहम्मद बासिल को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स में एक नया और यादगार अध्याय लिखा है। उन्होंने कहा कि दिलीप का स्वर्ण और बासिल का रजत पदक भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रपति ने दोनों खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में भी देश का नाम रोशन करते रहेंगे और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे।

राष्ट्रपति ने मुरली श्रीशंकर की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतना असाधारण उपलब्धि है। यह उनकी मेहनत निरंतरता और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने श्रीशंकर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश उनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी तीनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि पुरुष पैरा 100 मीटर टी47 स्पर्धा में भारत का वन टू फिनिश भारतीय खेल इतिहास का गर्व का क्षण है। उन्होंने विशेष रूप से दिलीप गावित की सराहना करते हुए कहा कि वे कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बन गए हैं। यह उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों के लिए मील का पत्थर है। वहीं उन्होंने मुरली श्रीशंकर की 8.09 मीटर की शानदार छलांग की भी प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय एथलेटिक्स के लिए गौरवपूर्ण पल बताया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मुरली श्रीशंकर को बधाई देते हुए कहा कि लगातार दो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतना उनकी अद्भुत निरंतरता और मानसिक मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि गंभीर घुटने की चोट से उबरकर इतनी शानदार वापसी करना हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा का विषय है। उनकी सफलता देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी दिलीप महादु गावित और मोहम्मद बासिल को बधाई देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने भारत को ऐतिहासिक वन टू फिनिश दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दोनों एथलीटों की यह उपलब्धि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के स्वर्णिम भविष्य की झलक है और आने वाले वर्षों में उनसे और भी बड़ी सफलताओं की उम्मीद है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि देश के एथलीट अब वैश्विक मंच पर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। इन खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां न केवल भारत के लिए गर्व का विषय हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा भी दे रही हैं।

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