July 30, 2026

मध्य प्रदेश में बारिश का रेड जोन तैयार तीन मौसमी सिस्टम से अगले चार दिन आफत की आशंका बैतूल में दीवार गिरने से मजदूर की मौत

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं जिसके कारण अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। इसके चलते प्रशासन को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

राजधानी भोपाल में गुरुवार सुबह से लगातार रुक रुककर बारिश हो रही है। वहीं इंदौर ग्वालियर जबलपुर रीवा सतना और कई अन्य जिलों में भी गरज चमक के साथ बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले चौबीस घंटों में कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक बारिश हो सकती है जिससे नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है।

बारिश के बीच बैतूल जिले से एक दुखद हादसा भी सामने आया है। गंज थाना क्षेत्र में देर रात हुई तेज बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल पास बनी एक झोपड़ी पर गिर गई। हादसे के समय झोपड़ी में सो रहे 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके साथी शनि सिंह को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलग अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। धार देवास बुरहानपुर हरदा और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उज्जैन शाजापुर सीहोर बड़वानी खरगोन खंडवा रायसेन सागर बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बालाघाट में कई नदी नाले उफान पर हैं और ग्रामीण इलाकों के कई मार्ग बंद हो गए हैं। बैहर परसवाड़ा मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। ग्वालियर और अन्य शहरों में भी जलभराव की स्थिति बनने लगी है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार वर्तमान मौसमी सिस्टम दो अगस्त तक सक्रिय बने रहेंगे। इस दौरान प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि लगातार वर्षा से नदी नालों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और अनावश्यक जोखिम से बचना बेहद जरूरी होगा।

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