July 29, 2026

बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें: उत्तराखंड में यात्रा पर ब्रेक, छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से पांच की मौत, कई राज्यों में रेड अलर्ट

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नई दिल्ली । देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को एहतियातन दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं चंपावत बागेश्वर और टिहरी जिलों में खराब मौसम के चलते कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राजस्थान में भी तेज बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। धौलपुर सहित कई शहरों के बाजारों और निचले इलाकों में पानी भर गया जिससे यातायात प्रभावित हुआ और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। चित्तौड़गढ़ के बेगूं क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद प्रसिद्ध मेनाल जलप्रपात पूरे वेग से बहने लगा जबकि रणथंभौर क्षेत्र में कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने से रास्तों पर पानी बहता दिखाई दिया।

छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया। राज्य के अलग अलग हिस्सों में बिजली गिरने की तीन घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि ग्यारह लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

गुजरात में भी लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति का असर औद्योगिक गतिविधियों पर देखने को मिला। साणंद स्थित टाटा मोटर्स प्लांट और उसके आसपास स्थित कई सप्लायर इकाइयों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। वहीं महिसागर जिले का प्रसिद्ध सात कुंड जलप्रपात भी बारिश के बाद पूरे उफान पर पहुंच गया।

उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित कई शहरों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिहार के कई जिलों में भी लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और निचले इलाकों में पानी भरने लगा है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश के ऊपर दो मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा झारखंड और छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए मध्य एवं उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण मध्य भारत उत्तर पश्चिम भारत और पूर्वी राज्यों में अगले चार से पांच दिनों तक सामान्य से अधिक तथा कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली में भी मंगलवार को 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। राजधानी के कई इलाकों में जलभराव हुआ मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया तथा कई पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से नदी नालों के पास जाने से बचने सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है क्योंकि आने वाले दिनों में मानसून का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।

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