दुबई की निजी पार्टी में प्रस्तुति का अनुभव साझा कर भावुक हुए कुमार सानू, बोले- उस दौर का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था
नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपने लंबे संगीत करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने एक बार फिर 1990 के दशक के फिल्म उद्योग के माहौल को चर्चा में ला दिया है। उन्होंने बताया कि अपने करियर के दौरान उन्हें दुबई में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था, जहां कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग मौजूद थे। गायक ने स्वीकार किया कि उस समय इस तरह की परिस्थितियां उनके लिए बेहद असहज और डर पैदा करने वाली थीं।
हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान कुमार सानू ने उस दौर की कई यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में उस समय फिल्म उद्योग का वातावरण काफी अलग था। उनके अनुसार, कई बार कलाकारों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ता था, जहां व्यक्तिगत इच्छा से अधिक परिस्थितियां निर्णय लेने के लिए मजबूर कर देती थीं। उन्होंने बताया कि जिस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था, वहां जाने को लेकर उनके मन में स्वाभाविक रूप से भय और असमंजस था।
गायक ने कहा कि उस समय किसी ऐसे निमंत्रण को ठुकराना आसान नहीं माना जाता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस दौर में कलाकार अपने काम के साथ-साथ सुरक्षा और अन्य व्यावहारिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर फैसले लेते थे। उनके मुताबिक, कई बार परिस्थितियां ऐसी होती थीं कि किसी टकराव से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प समझा जाता था।
बातचीत के दौरान कुमार सानू ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने करियर में फिल्म उद्योग के बदलते दौर को बहुत करीब से देखा है। उनके अनुसार, उस समय कई कलाकार अनावश्यक विवादों या जोखिम से दूर रहने की कोशिश करते थे। यही वजह थी कि कई फैसले व्यक्तिगत पसंद के बजाय उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए लिए जाते थे। उन्होंने माना कि उस दौर का माहौल आज की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील था।
कुमार सानू ने यह भी बताया कि समय बीतने के साथ अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों की ओर से उन्हें सुरक्षा देने जैसी बातें भी कही गई थीं। हालांकि उन्होंने हमेशा ऐसे किसी भी प्रस्ताव से दूरी बनाए रखी। उनका कहना था कि उन्होंने स्पष्ट रूप से यह रुख अपनाया कि वे अपनी सुरक्षा और अपने निजी मामलों को स्वयं संभालना पसंद करेंगे तथा किसी भी बाहरी सहयोग पर निर्भर नहीं रहना चाहते।
गायक की इस बातचीत ने एक बार फिर उस दौर की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी पुरानी चर्चाओं को सामने ला दिया है। हालांकि उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए किसी नए आरोप या कानूनी दावे की बजाय केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव और उस समय के माहौल का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समय के साथ फिल्म उद्योग में काफी बदलाव आया है और आज काम करने का वातावरण पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित माना जाता है।
कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं। 1990 के दशक में उनकी आवाज ने कई फिल्मों को यादगार बनाया और उन्होंने अनेक सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज दी। दशकों बाद भी उनके गीत संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी भी उनके सदाबहार गीतों को पसंद करती है। उनके हालिया खुलासे ने एक बार फिर उनके लंबे करियर और उस दौर के फिल्म उद्योग के अनुभवों को चर्चा का विषय बना दिया है।
