भोपाल के छात्रावास में जन्मदिन बना मातम 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान सुसाइड नोट मिलने से जांच तेज
मृतक छात्रा की पहचान अलीराजपुर जिले की रहने वाली दर्शन मिनामा के रूप में हुई है। वह भोपाल के अनंत हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की छात्रा थी और साथ ही एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से जेईई परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह सितंबर 2025 से छात्रावास में रह रही थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर मानी जाती थी।
जानकारी के अनुसार रविवार शाम वह कोचिंग से लौटकर अपने कमरे में चली गई। उसकी रूममेट पिछले लगभग बीस दिनों से गांव गई हुई थी जिसके कारण वह कमरे में अकेली रह रही थी। शाम करीब छह बजे उसकी सहेलियां जन्मदिन मनाने के लिए केक लेकर उसके कमरे पर पहुंचीं लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। लगातार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद जब सेंट्रल लॉक खोला गया तो छात्रा कमरे के अंदर फंदे से लटकी हुई मिली। यह दृश्य देखकर छात्राओं में चीख पुकार मच गई और तुरंत वार्डन को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस एफएसएल टीम और फोटोग्राफर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला जिसमें छात्रा ने लिखा कि वह अपने इस कदम के लिए स्वयं जिम्मेदार है और अपने माता पिता से माफी मांगती है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को छात्रा के मानसिक तनाव या अवसाद में होने की आशंका है लेकिन आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस परिजनों से बातचीत कर रही है और छात्रा के दोस्तों तथा शिक्षकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिजनों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।
इस घटना ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और वहां रहने वाली छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग दस महीने पहले इसी छात्रावास में 12वीं की एक अन्य छात्रा ने भी आत्महत्या कर ली थी। उस समय भी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई थी लेकिन अब दोबारा हुई इस घटना ने उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परिवार शिक्षकों और छात्रावास प्रबंधन को नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए ताकि यदि कोई छात्र मानसिक तनाव या भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा हो तो समय रहते उसकी पहचान कर उचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
