धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले- BJP में पद नहीं, देश और छात्रों का हित सर्वोपरि
अमित शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्र, युवा पीढ़ी और छात्र हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सिद्धांत को दर्शाता है।
छात्रों के हित में लिया गया फैसला
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय छात्रों के भविष्य की रक्षा और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई के लिए सरकार प्रतिबद्ध
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं और इससे NEET में सफल विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के… https://t.co/p12wLKGUkm
— Amit Shah (@AmitShah) July 25, 2026
प्रधान के कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं को बढ़ावा देने, पीएम श्री स्कूलों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए भी कई अहम पहल कीं। अमित शाह के अनुसार उनका कार्यकाल विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।
