IPO में पैसा लगाने से पहले पूरी तैयारी जरूरी सही जानकारी के साथ बढ़ाएं मुनाफे की संभावना और घटाएं जोखिम
दूसरा महत्वपूर्ण पहलू कंपनी की वित्तीय स्थिति है। निवेश से पहले कंपनी के राजस्व मुनाफे कर्ज और पिछले कुछ वर्षों के प्रदर्शन को जरूर देखना चाहिए। यदि कंपनी लगातार लाभ में है और उसकी आय में स्थिर वृद्धि हो रही है तो यह सकारात्मक संकेत माना जाता है। वहीं अधिक कर्ज या लगातार घाटे वाली कंपनियों में निवेश करने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
आईपीओ का प्राइस बैंड और लॉट साइज भी निवेश का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राइस बैंड बताता है कि शेयर किस कीमत पर जारी किए जा रहे हैं जबकि लॉट साइज यह तय करता है कि न्यूनतम कितने शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। निवेशक को अपने बजट और जोखिम क्षमता के अनुसार आवेदन करना चाहिए।
कई निवेशक ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी को भी देखते हैं। यदि किसी आईपीओ का जीएमपी अच्छा है तो माना जाता है कि बाजार में उसकी मांग मजबूत हो सकती है। हालांकि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कोई आधिकारिक संकेतक नहीं है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
कंपनी जुटाई गई राशि का उपयोग किस उद्देश्य के लिए करेगी यह जानकारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि कंपनी इस राशि का उपयोग कारोबार बढ़ाने नई परियोजनाओं में निवेश करने या कर्ज कम करने के लिए कर रही है तो इसे सकारात्मक माना जा सकता है। इसके विपरीत यदि अधिकांश राशि केवल पुराने निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने में जा रही है तो निवेशकों को सावधानी से निर्णय लेना चाहिए।
आईपीओ का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस भी पढ़ना चाहिए जिसमें कंपनी के जोखिम भविष्य की योजनाएं कानूनी मामले और वित्तीय जानकारी विस्तार से दी जाती है। इससे निवेशक को कंपनी की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलती है और जोखिम का सही आकलन किया जा सकता है।
निवेश करने से पहले यह भी सुनिश्चित करें कि आपके पास सक्रिय डीमैट अकाउंट ट्रेडिंग अकाउंट और बैंक खाते से जुड़ी यूपीआई या एएसबीए सुविधा उपलब्ध हो। आवेदन की अंतिम तिथि से पहले सभी दस्तावेज सही तरीके से अपडेट होना जरूरी है ताकि आवेदन में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीओ में निवेश करते समय केवल लिस्टिंग गेन के लालच में फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल उद्योग की स्थिति प्रबंधन की विश्वसनीयता और भविष्य की विकास क्षमता का विश्लेषण करने के बाद ही निवेश करना बेहतर होता है। सही जानकारी और सोच समझकर लिया गया निर्णय लंबे समय में बेहतर रिटर्न देने की संभावना बढ़ा सकता है।
