July 25, 2026

सावन में शिवमय होगी काशी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत कई देशों से आएंगे श्रद्धालु

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वाराणसी। सावन मास की शुरुआत के साथ ही बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूब जाएगी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक और विशेष अनुष्ठानों के लिए देश ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दुबई और नेपाल सहित कई देशों से भी श्रद्धालुओं के आने की तैयारी है। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।

सावन के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा महामृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, तिलभांडेश्वर, ओंकारेश्वर, शूलटंकेश्वर और रामेश्वर महादेव सहित प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महारुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहले से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से पांच-पांच परिवार विशेष रूप से काशी पहुंचेंगे। ये श्रद्धालु जलाभिषेक, महारुद्राभिषेक और धार्मिक कथाओं का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना करेंगे।

अनुष्ठानों के संचालन के लिए पूर्वांचल के जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से वैदिक ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जा रहा है। वहीं काशी के कई विद्वान ब्राह्मण भी मध्य प्रदेश के अमरकंटक और महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों पर सावन के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने जाएंगे।

सावन को देखते हुए प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिरों के आसपास बैरिकेडिंग की जा रही है, जबकि पूजन सामग्री और रुद्राभिषेक की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। यजमान अपने-अपने वैदिक ब्राह्मणों से अनुष्ठानों की तिथियां तय कर रहे हैं।

सावन भर शहर में श्रीशिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, श्रीविष्णु पुराण और रामचरितमानस कथा जैसे धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं इन कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। मारवाड़ी समाज की ओर से 17 अगस्त से सप्ताहभर चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रख्यात भागवत वक्ता श्रीकांत बालव्यास काशी प्रवचन देंगे।

पूरे सावन मास में शिवालयों में रुद्राभिषेक, महारुद्र, सप्तचंडी यज्ञ, रुद्रचंडी अनुष्ठान और महामृत्युंजय मंत्र जाप जैसे धार्मिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालु सोमवार व्रत, कांवड़ यात्रा, भगवान शिव का जलाभिषेक तथा घरों में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और लेखन कर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे।

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