July 24, 2026

पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन, संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी; 27 जुलाई को संसद में पेश होने के आसार

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नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों और NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। अब इस विधेयक को 27 जुलाई को संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

इससे पहले गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली पर नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की उम्मीदों पर भी चोट पहुंचाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए कठोर कानून ला रही है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित कानून में पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और संगठित नकल जैसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए गए मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा के बाद उसे मंजूरी दे दी गई है।

सरकार के अनुसार, यह विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। संसद से पारित होने के बाद नए कानून के जरिए पेपर लीक जैसे मामलों में तेजी से सुनवाई और कठोर दंड सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

यह पूरा विवाद 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद सामने आया था। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच एजेंसी महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में छानबीन कर चुकी है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित होने से बचाना थी। इसी उद्देश्य से सीमित समय में परीक्षा प्रक्रिया पूरी कराई गई और निर्धारित समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।

उधर, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को पर्याप्त नहीं बताते हुए परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय किए बिना केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन कानून परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगा।

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