पूर्व IAS नियाज़ खान की राजनीति में एंट्री की इच्छा: बोले- कांग्रेस और भाजपा शायद स्वीकार न करें, नई पार्टी बनी तो करूंगा जॉइन
नियाज़ खान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि उनके हिंदू उदारवादी विचारों के कारण कांग्रेस उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने भी उनके साथ हमेशा अलग व्यवहार किया और प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें कभी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं दीं। उनके अनुसार, इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा भी उन्हें अपने साथ जोड़ने की इच्छुक नहीं रही।
पूर्व आईएएस अधिकारी ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि यदि भविष्य में कॉकरोच जनता पार्टी राजनीति में सक्रिय रूप से उतरती है तो वह उस पार्टी से जुड़ने पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि वर्तमान समय में राजनीति ही समाज और देश की सबसे बड़ी सेवा का माध्यम बन चुकी है। इसलिए यदि व्यवस्था में बदलाव लाना है तो राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बनना आवश्यक है।
नियाज़ खान प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ साहित्य जगत में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने ‘ब्राह्मण द ग्रेट’, ‘ब्राउन डेजर्ट IV-786’ और ‘बी रेडी टू डाई’ जैसे कई चर्चित उपन्यास लिखे हैं। उनकी किताबें अक्सर सामाजिक और वैचारिक मुद्दों पर केंद्रित रही हैं, जिसके कारण वे समय-समय पर सार्वजनिक बहस का हिस्सा भी बने हैं।
सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने उनके राजनीति में आने के फैसले का स्वागत किया, जबकि कुछ ने उनके बयान को लेकर सवाल भी उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह का इस तरह खुलकर अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं सार्वजनिक करना चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है।
हालांकि, नियाज़ खान ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में औपचारिक रूप से शामिल होने की घोषणा नहीं की है। उनका बयान केवल अपनी इच्छा और संभावित विकल्पों को लेकर है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में वह वास्तव में सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनते हैं या नहीं और यदि बनते हैं तो किस राजनीतिक मंच से अपनी नई पारी की शुरुआत करते हैं।
