July 22, 2026

CM कक्ष के बाहर देर रात तक डटे कांग्रेस विधायक, जीतू पटवारी बोले- छात्रों को देशद्रोही कहना गलत

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मध्य प्रदेश। दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायक धरने पर बैठे रहे। बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी धरना स्थल पहुंचे और विधायकों का समर्थन करते हुए सरकार पर छात्रों के मुद्दों को दबाने का आरोप लगाया।

इससे पहले जीतू पटवारी राजभवन के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर हिरासत में लिया और वाहन में बैठाया। रिहा होने के बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे, जहां नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

धरना देर रात करीब 11.30 बजे समाप्त हुआ। धरना खत्म होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस अगले दिन भी विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से छात्रों को लेकर दिए गए कथित बयान पर सार्वजनिक माफी की मांग करेगी।

धरना स्थल पर पहुंचे जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के फैसले के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को देशद्रोही और राजद्रोही बताने वाले मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ही असली दोषी हैं।

यह पूरा विवाद दिल्ली में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ। प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी राज्यभर में प्रदर्शन आयोजित किए।

विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। विरोध के दौरान कुछ विधायक फर्श पर लेट गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें समझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य कांग्रेस विधायकों से तीखी बहस हुई।

भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन सहित कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। कई स्थानों पर रैलियां निकाली गईं, नारेबाजी हुई और कुछ जगहों पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। हालांकि देर रात तक अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गए।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस घटनाक्रम ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। कांग्रेस छात्रों के मुद्दे और राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, जबकि सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है।

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