टी20 वर्ल्ड कप के दौरान डोप टेस्ट में विफल रहे स्पिनर मोहम्मद नवाज; आईसीसी की बड़ी कार्रवाई के बाद रद्द किए गए पिछले कई महीनों के रिकॉर्ड
नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। डोप परीक्षण के दौरान खिलाड़ी के शरीर में एक प्रतिबंधित पदार्थ के अंश पाए गए थे, जिसके बाद नवाज ने आधिकारिक तौर पर अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इस कृत्य के लिए शासी निकाय ने उन पर तीन महीने का निलंबन लागू किया है। हालांकि, खेल नियमों के तहत पुनर्वास कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने की शर्त पर इस अवधि को कम कर केवल एक महीने किए जाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
मध्य प्रदेश सहित देश और दुनिया के खेल प्रेमियों के लिए यह घटनाक्रम काफी चौंकाने वाला है। बत्तीस वर्षीय मोहम्मद नवाज का यह डोप परीक्षण इस वर्ष 7 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के एक मुकाबले के बाद किया गया था। यह मैच पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच खेला गया था, जिसके संपन्न होने के बाद लिए गए जैविक नमूने की जांच रिपोर्ट में कार्बोक्सी-टीएचसी नामक प्रतिबंधित तत्व की पुष्टि हुई थी। आईसीसी की आधिकारिक एंटी-डोपिंग आचार संहिता के अंतर्गत इस विशिष्ट पदार्थ को नशीले या मादक पदार्थों की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसके सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
वैश्विक क्रिकेट निकाय द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने अपनी इस प्रशासनिक और नैतिक चूक को बिना किसी प्रतिवाद के स्वीकार कर लिया है। खिलाड़ी ने आईसीसी के समक्ष यह भी प्रमाणित किया कि उक्त प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग प्रतियोगिता की अवधि के बाहर किया गया था और इसका उद्देश्य मैदान पर अपने खेल प्रदर्शन को अनुचित रूप से बेहतर बनाना या कोई अतिरिक्त लाभ प्राप्त करना बिल्कुल नहीं था। इसी तार्किक आधार पर विचार करते हुए आईसीसी ने उन पर अपेक्षाकृत कम समय यानी तीन महीने की अयोग्यता का निर्णय लिया। यह निलंबन 1 मई से प्रभावी माना गया है, क्योंकि इसी तिथि से खिलाड़ी ने स्वैच्छिक रूप से अस्थायी निलंबन स्वीकार कर लिया था।
शासी निकाय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोहम्मद नवाज ने अपनी निर्धारित सजा को स्वीकार करने के साथ-साथ संस्था द्वारा निर्देशित नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर पूर्ण सहमति व्यक्त की है। यदि वह आईसीसी के मानकों और चिकित्सा विशेषज्ञों की संतुष्टि के अनुरूप इस संपूर्ण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेते हैं, तो उनके निलंबन की अवधि को तीन महीने से घटाकर केवल एक महीना कर दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति के अनुसार, ढाई महीने का समय व्यतीत होने के उपरांत उनके अस्थायी निलंबन को भी हटा लिया गया है, जो पुनर्वास की दिशा में एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।
इस पूरे अनुशासनात्मक मामले में खिलाड़ी को सबसे बड़ा झटका उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के मोर्चे पर लगा है। आईसीसी एंटी-डोपिंग कोड के कड़े नियमों के तहत, 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के विरुद्ध खेले गए मैच से लेकर 1 मई तक की अवधि के बीच मोहम्मद नवाज द्वारा खेले गए सभी आधिकारिक मुकाबलों के व्यक्तिगत प्रदर्शन और रिकॉर्ड्स को पूरी तरह से रद्द घोषित कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि इस विशिष्ट समयावधि के दौरान बनाए गए रन या लिए गए विकेटों को अब किसी भी आधिकारिक क्रिकेट सांख्यिकी में मान्यता नहीं दी जाएगी। इस कठोर निर्णय ने एक बार फिर खेल जगत में डोपिंग रोधी नियमों की सर्वोच्चता को सिद्ध किया है।
