July 16, 2026

अंक ज्योतिष का दावा, गुप्त नवरात्रि में मूलांक 2, 7 और 9 के जातक विशेष पूजा और मंत्रों से पा सकते हैं सकारात्मक परिणाम

0
35-1784201426
नई दिल्ली । आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि को सनातन परंपरा में साधना, उपासना और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इसी अवधि को लेकर अंक ज्योतिष में भी कुछ विशेष मान्यताएं प्रचलित हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस समय मूलांक 2, 7 और 9 वाले लोगों के लिए कुछ विशेष उपाय लाभकारी माने जाते हैं। कहा जाता है कि इन उपायों को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर आर्थिक चुनौतियों में राहत, मानसिक शांति तथा कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं। हालांकि यह सभी बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

अंक ज्योतिष में व्यक्ति की जन्मतिथि के अंकों के योग से प्राप्त एकल अंक को मूलांक कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 2 माना जाता है। इसी प्रकार 7, 16 या 25 तारीख को जन्म लेने वालों का मूलांक 7 तथा 9, 18 या 27 तारीख को जन्म लेने वालों का मूलांक 9 होता है। प्रत्येक मूलांक का संबंध किसी विशेष ग्रह से माना जाता है और उसी आधार पर अलग-अलग उपाय बताए जाते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मूलांक 2 का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। ऐसे लोगों को गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि शाम के समय घी का दीपक जलाकर माता को मखाने और चिरौंजी से बनी सफेद खीर का भोग लगाने तथा सफेद पुष्प अर्पित करने से मानसिक तनाव कम होने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने का भाव प्रबल होता है। पूजा के दौरान “ॐ दुं दुर्गायै नमः” अथवा “ॐ चमं चन्द्रमसे नमः” मंत्र का जाप भी शुभ माना गया है।

मूलांक 7 का संबंध केतु ग्रह से जोड़ा जाता है। अंक ज्योतिष के अनुसार इस मूलांक के लोगों के लिए गुप्त नवरात्रि की रात्रि में कपूर और दो साबुत लौंग का विशेष उपाय करने की परंपरा बताई जाती है। मान्यता है कि इसे श्रद्धा के साथ करते हुए माता दुर्गा से आर्थिक स्थिरता और कर्ज से मुक्ति की प्रार्थना की जाए। साथ ही “ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का मानसिक जाप भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे नकारात्मक प्रभावों में कमी और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

वहीं मूलांक 9 का स्वामी ग्रह मंगल माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस मूलांक के लोग गुप्त नवरात्रि में घी का दीपक जलाकर नौ बताशों पर दो-दो साबुत लौंग रखकर माता दुर्गा को अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ लाल गुड़हल या लाल गुलाब का फूल चढ़ाने की भी परंपरा बताई गई है। पूजा के दौरान “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” अथवा “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं।

धार्मिक परंपराओं में गुप्त नवरात्रि को साधना और आत्मिक उन्नति का विशेष अवसर माना जाता है। अंक ज्योतिष के इन उपायों का उद्देश्य व्यक्ति में सकारात्मक सोच, श्रद्धा और आत्मविश्वास का संचार करना माना जाता है। हालांकि इन उपायों के परिणाम व्यक्ति की आस्था और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं तथा इन्हें किसी वैज्ञानिक या प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। श्रद्धा, सकारात्मक प्रयास और निरंतर कर्म ही जीवन में स्थायी सफलता और आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार माने जाते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *