भारत की सबसे बड़ी कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन, चार दिग्गजों की बाजार वैल्यू बढ़ी, छह कंपनियों के मार्केटकैप में आई गिरावट
नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह उतार-चढ़ाव के बीच देश की शीर्ष 10 सूचीबद्ध कंपनियों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। इस दौरान चार प्रमुख कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में कुल 92,995.48 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि छह कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखने को मिली। सबसे अधिक लाभ एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल को हुआ, जिन्होंने निवेशकों की मजबूत रुचि के चलते अपने बाजार मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
समीक्षा अवधि के दौरान एचडीएफसी बैंक सबसे अधिक लाभ हासिल करने वाली कंपनी रही। बैंक के बाजार पूंजीकरण में 35,808.09 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य बढ़कर 12.69 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसके बाद भारती एयरटेल का स्थान रहा, जिसके बाजार पूंजीकरण में 34,896.92 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और कंपनी का कुल मूल्य लगभग 11.99 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 6,224.97 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कंपनी का कुल मूल्य बढ़कर 17.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वहीं एलआईसी के मार्केटकैप में 16,065.50 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और उसका कुल बाजार मूल्य 5.60 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
दूसरी ओर, शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल छह कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई। सबसे अधिक नुकसान हिंदुस्तान यूनिलीवर को हुआ, जिसके बाजार मूल्य में 12,088.65 करोड़ रुपये की कमी आई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के मार्केटकैप में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि इन कंपनियों की बाजार स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन सप्ताह के दौरान निवेशकों की धारणा और बाजार की चाल का असर इनके मूल्यांकन पर दिखाई दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक संकेतकों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, ब्याज दरों की संभावनाओं और कॉर्पोरेट प्रदर्शन से जुड़ी उम्मीदों का असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर लगातार बना हुआ है। इसी कारण अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में निवेशकों का रुझान भी अलग-अलग देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और दूरसंचार क्षेत्र की कुछ कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि उपभोक्ता, आईटी और वित्तीय क्षेत्र की कुछ कंपनियों पर दबाव बना रहा।
मिश्रित प्रदर्शन के बावजूद बाजार पूंजीकरण के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक बाजारों की दिशा और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। ऐसे में निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और व्यापक आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी, जो आगे बाजार पूंजीकरण में बदलाव का प्रमुख आधार बन सकते हैं।
