तीन देशों के रणनीतिक दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को लेकर सहमति बनी। नागरिक परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई। इन समझौतों को भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बाद अब न्यूजीलैंड यात्रा पर भी दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नए स्तर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर ऑकलैंड पहुंचे हैं। यहां उनके विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेने का कार्यक्रम निर्धारित है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, शिक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग जैसे अनेक विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सरकारी कार्यक्रमों के अलावा व्यापार और खेल क्षेत्र से जुड़े आयोजनों में भी हिस्सा लेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया जाएगा। भारतीय समुदाय के साथ उनका विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा। विदेशों में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका को भारत लगातार अपनी वैश्विक साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार मानता रहा है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देश मुक्त और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह यात्रा भविष्य की साझेदारी के लिए नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसरों में विस्तार के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग को भी नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यह यात्रा भारत की सक्रिय विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। लगातार बढ़ते वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक बदलावों के बीच भारत अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री नई दिल्ली लौटेंगे। माना जा रहा है कि इस पूरे दौरे के परिणाम आने वाले वर्षों में भारत के व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
