मैंने पुलिस पर भरोसा किया, आरोप मुझ पर लगा दिए', करूर हादसे पर मुख्यमंत्री विजय ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
करूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना ने कई परिवारों से उनके बच्चे छीन लिए और यह क्षति ऐसी है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उनके अनुसार यह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा आघात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसभाओं और बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विजय ने अपने संबोधन में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि दूसरे जिलों में पुलिस ने समय रहते भीड़ बढ़ने की सूचना देकर प्रशासन को सतर्क किया था, लेकिन करूर में ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार कार्यक्रम स्थल तक पुलिस ही उन्हें लेकर गई और उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों पर पूरा भरोसा किया। यदि समय रहते वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया होता तो हालात अलग हो सकते थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकते थे।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी त्रासदी के बाद प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने की होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस घटना को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान विजय ने राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पार्टी फंड के नाम पर अनियमितताएं की जा रही हैं और जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हो रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान केवल प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।
करूर भगदड़ को लेकर राज्य में पहले से ही राजनीतिक बहस जारी है। मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद इस मामले में पुलिस की भूमिका, सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर चर्चा और तेज होने की संभावना है। साथ ही उम्मीद की जा रही है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी स्पष्ट हो सकेगी।
