July 11, 2026

भारत-ऑस्ट्रेलिया ने खेल सहयोग को दी नई उड़ान, कबड्डी से ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल तक साझा रोडमैप, खिलाड़ियों और खेल विज्ञान पर रहेगा विशेष फोकस

0
26-1783680663
नई दिल्ली । भारत और ऑस्ट्रेलिया ने खेल सहयोग को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से एक व्यापक स्पोर्ट्स रोडमैप पर सहमति बनाई है। इस पहल का लक्ष्य दोनों देशों के बीच खिलाड़ियों के विकास, खेल विज्ञान, प्रशिक्षण, निवेश और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में सहयोग को मजबूत करना है। इस रोडमैप के माध्यम से खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखते हुए शिक्षा, तकनीक, उद्योग और सांस्कृतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

यह रोडमैप वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच हुए खेल सहयोग समझौते को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में 2030 राष्ट्रमंडल खेल, 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक और पैरालंपिक सहित बड़े वैश्विक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सहयोग के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनसे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। इसके तहत अनुभवों का आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण और खेल प्रबंधन में साझेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

दोनों देशों ने खेल प्रशासन की अलग-अलग व्यवस्थाओं का सम्मान करते हुए संस्थागत सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। खेल संगठनों, विश्वविद्यालयों, राज्य सरकारों, निजी कंपनियों और सामुदायिक संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उपलब्ध संसाधनों और साझा प्राथमिकताओं के आधार पर विभिन्न कार्यक्रमों का चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन किया जाएगा, जिससे सहयोग का दायरा लगातार विस्तारित हो सके।

रोडमैप में खिलाड़ियों और कोचों के क्षमता विकास को विशेष महत्व दिया गया है। भारत में हाई-परफॉर्मेंस प्रशिक्षण केंद्रों के विकास, पैरा खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान और ‘ट्रेन द ट्रेनर’ मॉडल के माध्यम से आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। भारतीय खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया के उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने तथा ऑस्ट्रेलिया में योग और भारतीय खेल परंपराओं के प्रचार पर भी ध्यान दिया जाएगा।

खेल विज्ञान और तकनीक इस साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार होंगे। दोनों देशों के विश्वविद्यालय और अनुसंधान संस्थान खिलाड़ियों के प्रदर्शन विश्लेषण, चोटों की रोकथाम, खेल पोषण, रिकवरी तकनीक, वियरेबल तकनीक और पैरा खेलों से जुड़े शोध पर मिलकर काम करेंगे। साथ ही डोपिंग रोधी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए संबंधित संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा तथा खेल नैतिकता और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

इस साझेदारी के तहत खेल संस्कृति के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया में कबड्डी और खो-खो जैसे भारतीय पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की योजना है, जबकि भारत में ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल लीग और बास्केटबॉल जैसे खेलों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए प्रदर्शनी मुकाबलों और विशेष आयोजनों का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही भारत में नियमित रूप से बिग बैश लीग के मुकाबले आयोजित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के खेल प्रेमियों को नए अनुभव मिल सकें।

रोडमैप में खेल उद्योग, खेल उपकरण निर्माण, मीडिया, प्रसारण, आयोजन प्रबंधन और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की भी योजना शामिल है। भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के बीच व्यावसायिक सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि खेल अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। इसके साथ ही महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और उच्च प्रदर्शन वाले खेलों में उनके अवसरों को बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्यक्रमों और द्विपक्षीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यापक साझेदारी दोनों देशों के खेल संबंधों को नई दिशा देने के साथ भविष्य की अंतरराष्ट्रीय खेल तैयारियों को भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *