ट्रेंट ब्रिज में रनों के लिहाज से भारत को मिली इतिहास की सबसे बड़ी हार, पांच मैचों की श्रृंखला में इंग्लैंड 2-0 से आगे
इस करारी हार के बाद मेजबान इंग्लैंड ने श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है, जिससे भारतीय टीम के लिए अब श्रृंखला में वापसी की राह बेहद कठिन हो गई है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश सहित देश के सभी हिस्सों में फैले करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह नतीजा चौंकाने वाला है क्योंकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारतीय टीम का यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले साल 2019 में न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन में भारत को 80 रनों से हराया था, लेकिन नॉटिंघम की इस 125 रनों की हार ने उस पुराने अनचाहे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
मैच की बात करें तो भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, जो बाद में पूरी तरह गलत साबित हुआ। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए महज 44 गेंदों में 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें सात चौके और तीन शानदार छक्के शामिल थे। इसके अलावा जोस बटलर ने 36 रन और निचले क्रम में सैम करन ने नाबाद 41 रनों का अमूल्य योगदान दिया, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 201 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से प्रिंस यादव और हर्षित राणा ने दो-दो विकेट अवश्य लिए, लेकिन वे रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे।
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। टीम ने पावरप्ले के भीतर ही महज 52 रनों के स्कोर पर अपने 5 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की घातक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह से घुटने टेक दिए। जोफ्रा आर्चर ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल को पवेलियन का रास्ता दिखाया। जोश टंग ने भी अपनी रफ्तार का कहर बरपाते हुए अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को आउट कर भारत की कमर तोड़ दी। टीम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने का साहस नहीं दिखा सका और पूरी पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
भारतीय टीम की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और विकेटकीपर ईशान किशन ही सर्वाधिक 13-13 रन बना सके, जो टीम के खराब बल्लेबाजी दृष्टिकोण को दर्शाता है। पूरी पारी के दौरान शॉट चयन में भारी लापरवाही देखने को मिली और बल्लेबाजों में पिच पर रुककर संघर्ष करने का कोई जज्बा नजर नहीं आया। इस हार के साथ ही भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब टीम लगातार पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में एक भी जीत दर्ज करने में असफल रही है। श्रृंखला का चौथा मुकाबला अब ब्रिस्टल में खेला जाना है, जहां भारतीय टीम को अपनी साख बचाने और श्रृंखला में बने रहने के लिए आत्ममंथन कर मैदान पर उतरना होगा।
