सेंसेक्स-निफ्टी सीमित बढ़त के साथ खुले, आईटी सेक्टर में खरीदारी रही हावी, एफपीआई के रुख में बदलाव से बाजार को मिला सहारा
शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बने। इस क्षेत्र में लगातार खरीदारी के कारण संबंधित सेक्टोरल इंडेक्स अन्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, निजी बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, ऑटो, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और सर्विसेज सेक्टर में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला, जिससे बाजार का समग्र रुख संतुलित बना रहा।
दूसरी ओर धातु, रक्षा, मीडिया, मैन्युफैक्चरिंग, सार्वजनिक उपक्रमों और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में बिकवाली के कारण कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल मजबूत बुनियादी संकेतों वाले क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। व्यापक बाजार में किसी बड़ी तेजी या गिरावट के बजाय संतुलित कारोबार देखने को मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशक फिलहाल बड़े फैसले लेने के बजाय बाजार के अगले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ कुछ वित्तीय और उपभोक्ता कंपनियों के शेयरों में अच्छी मजबूती देखने को मिली। वहीं कुछ औद्योगिक, स्टील, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा। बाजार का यह मिश्रित प्रदर्शन निवेशकों की सेक्टर आधारित रणनीति को दर्शाता है, जहां अलग-अलग उद्योगों में अलग रुख अपनाया जा रहा है।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव भी भारतीय शेयर बाजार पर सीमित रूप से दिखाई दिया। अधिकांश एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों में आई मजबूती का सकारात्मक असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन दो प्रमुख कारणों से बाजार पर दबाव बना हुआ था, उनमें अब राहत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से आयात लागत को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का रुख भी बदलता नजर आ रहा है। लगातार बिकवाली के बाद अब विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी शुरू होना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय खरीदारी भी बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है। विदेशी और घरेलू निवेशकों की भागीदारी से बाजार में संतुलन बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक संकेतकों, कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों की दिशा पर बनी हुई है।
